156 करोड़ पर्यटकों के साथ 2025 में देश का अग्रणी पर्यटन केंद्र बना उप्र: मुख्यमंत्री योगी

156 करोड़ पर्यटकों के साथ 2025 में देश का अग्रणी पर्यटन केंद्र बना उप्र: मुख्यमंत्री योगी

156 करोड़ पर्यटकों के साथ 2025 में देश का अग्रणी पर्यटन केंद्र बना उप्र: मुख्यमंत्री योगी
Modified Date: February 20, 2026 / 09:12 pm IST
Published Date: February 20, 2026 9:12 pm IST

लखनऊ, 20 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विधानसभा में बजट पर चर्चा करते हुए कहा कि राज्य 156 करोड़ पर्यटकों के साथ वर्ष 2025 में देश का अग्रणी पर्यटन केंद्र बन गया है।

उन्होंने विधानसभा में बजट सत्र के अंतिम दिन सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि 2025 में लगभग 156 करोड़ पर्यटक उत्तर प्रदेश आए, जो प्रदेश की बदलती छवि और मजबूत आधारभूत संरचना का संकेत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने धार्मिक, सांस्कृतिक और विरासत स्थलों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या धाम, विंध्य कॉरिडोर, चित्रकूट और नैमिषारण्य जैसे प्रमुख आस्था स्थलों का व्यापक विकास किया गया है।

योगी ने कहा कि इन स्थलों पर यात्री सुविधाएं, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और कनेक्टिविटी को बेहतर किया गया है, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि समाज कल्याण विभाग को बाबा साहब भीमराव आंबेडकर, संत रविदास और महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमाओं एवं पार्कों के विकास के लिए 500 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।

उन्होंने कहा कि यह कदम सामाजिक न्याय और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यूनेस्को ने लखनऊ को ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ के रूप में मान्यता प्रदान की है, जो प्रदेश की समृद्ध पाक परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने में सहायक होगा।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा आगरा में मुगल म्यूजियम का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर स्मारक और संग्रहालय विकसित किया जा रहा है।

योगी ने कहा कि इसके माध्यम से राष्ट्रीय नायकों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बजट पर चर्चा के दौरान कृषि बजट पर विस्तार से अपनी बात रखी और कहा कि कृषि मंत्री ने इस विषय पर व्यापक प्रस्तुति दी।

उन्होंने ग्रामीण रोजगार योजनाओं के संदर्भ में कहा कि पूर्व की तुलना में वर्तमान व्यवस्था अधिक व्यावहारिक और परिणामोन्मुखी है।

योगी ने विपक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा, “पहले 100 दिन के रोजगार का प्रावधान था, जो अनिवार्य नहीं था। अब 125 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया गया है और अगर कोई व्यक्ति रोजगार की मांग करता है, तो ग्राम प्रधान को उसे काम देना अनिवार्य होगा।”

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पहले कांग्रेस शासन में मनरेगा का स्वरूप व्यावहारिक नहीं था, लेकिन अब ‘विकसित भारत जी राम जी’ योजना के तहत स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण किया जा रहा है, जो गांवों के विकास को नया आयाम देगा। भाषा आनन्द जितेंद्र

जितेंद्र


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