राजदूत प्रीति सरन तीन वर्ष के कार्यकाल के लिए संयुक्त राष्ट्र की एक अहम संस्था में पुनर्निर्वाचित

राजदूत प्रीति सरन तीन वर्ष के कार्यकाल के लिए संयुक्त राष्ट्र की एक अहम संस्था में पुनर्निर्वाचित

राजदूत प्रीति सरन तीन वर्ष के कार्यकाल के लिए संयुक्त राष्ट्र की एक अहम संस्था में पुनर्निर्वाचित
Modified Date: April 10, 2026 / 10:04 am IST
Published Date: April 10, 2026 10:04 am IST

न्यूयॉर्क, 10 अप्रैल (भाषा) वरिष्ठ राजनयिक प्रीति सरन को प्रतिष्ठित संयुक्त राष्ट्र आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकार समिति (सीईएससीआर) के लिए 2027 से शुरू होने वाले नए तीन-वर्षीय कार्यकाल के लिए पुनः निर्वाचित किया गया है।

यह चयन वैश्विक सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों के बीच समिति का सफलतापूर्वक नेतृत्व करने में उनकी विशेषज्ञता की मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।

राजदूत सरन वर्तमान में सीईएससीआर की अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। यह संयुक्त राष्ट्र की वह संस्था है जो सदस्य देशों द्वारा आर्थिक और सामाजिक अधिकारों से संबंधित अंतरराष्ट्रीय संधियों के क्रियान्वयन की निगरानी करती है।

सीईएससीआर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग के प्रशासनिक नियंत्रण के अंतर्गत कार्य करती है।

भारतीय विदेश सेवा में अपने 36 वर्षों के उत्कृष्ट करियर के दौरान राजदूत सरन ने भारत तथा एशिया, अफ्रीका, यूरोप और अमेरिका में स्थित भारतीय मिशनों में कई उच्च पदों पर कार्य किया।

उन्होंने कहा, ‘‘उस आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकार समिति की सदस्य के रूप में पुनः निर्वाचित होना मेरे लिए सम्मान की बात है जो अंतरराष्ट्रीय आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकार संधि के क्रियान्वयन की निगरानी करती है।’’

उन्होंने बताया कि इस समिति में 18 स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल होते हैं, जो सदस्य देशों द्वारा संधि के पालन की निगरानी करते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के नाते भारत की विकास यात्रा, विशेष रूप से पिछले 15 वर्षों में, अपने नागरिकों को पूर्ण, स्वतंत्र, सुरक्षित और स्वस्थ जीवन देने जैसे मूलभूत मानवाधिकारों की पूर्ति का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।’’

राजदूत सरन को पिछले वर्ष फरवरी में दो वर्ष के कार्यकाल के लिए सीईएससीआर का अध्यक्ष चुना गया था।

सरन मार्च 2016 से सितंबर 2018 तक विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) के रूप में कार्य करने के बाद सेवानिवृत्त हो गयी थी।

सचिव (पूर्व) के रूप में वह पूर्वी एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया, कनाडा, लातिन अमेरिका और कैरेबियाई क्षेत्र के देशों के साथ भारत के संबंधों की नीति के निर्माण और क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार थीं।

सरन कई बहुपक्षीय आयोजनों और शिखर सम्मेलनों में भारतीय शेरपा और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठकों की प्रमुख रहीं, जिनमें ब्रिक्स, बिम्सटेक, आसियान-भारत वार्षिक शिखर सम्मेलन और पूर्व एशिया शिखर सम्मेलन शामिल हैं।

वह वियतनाम में भारत की राजदूत और टोरंटो में महावाणिज्यदूत भी रह चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने मॉस्को, ढाका, काहिरा और जिनेवा में भारतीय मिशनों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।

भाषा गोला सिम्मी

सिम्मी


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