ईरान में सत्ताविरोधी प्रदर्शन : ट्रंप और शीर्ष ईरानी अधिकारियों ने एक दूसरे को धमकी दी
ईरान में सत्ताविरोधी प्रदर्शन : ट्रंप और शीर्ष ईरानी अधिकारियों ने एक दूसरे को धमकी दी
दुबई, दो जनवरी (एपी) ईरान के कुछ हिस्सों में सत्ताविरोधी प्रदर्शनों के गति पकड़ने के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और शीर्ष ईरानी अधिकारियों ने शुक्रवार को एक-दूसरे को धमकियां दीं।
इसी के साथ जून में अमेरिका द्वारा ईरानी परमाणु स्थलों पर बमबारी के बाद दोनों देशों के बीच पहले से जारी तनाव और भी बढ़ गया है।
ईरान में प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में अब तक कम से कम सात लोग मारे जा चुके हैं। ये प्रदर्शन आंशिक रूप से ईरान की रियाल मुद्रा के पतन के कारण भड़के थे, लेकिन यह अब तेजी से सत्ताविरोधी प्रदर्शन का रूप लेती जा रही है।
ईरान में शुक्रवार को प्रदर्शन छठे दिन में प्रवेश किया और 2022 के बाद से ईरान में ये सबसे बड़े प्रदर्शन हैं। वर्ष 2022 में पुलिस हिरासत में 22 वर्षीय महसा अमिनी की मौत के बाद देशव्यापी प्रदर्शन शुरू हो गए थे।
ट्रंप ने सबसे पहले अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ’ पर ईरान को चेतावनी दी कि अगर वह ‘‘शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हिंसक हत्याएं’’ करता है, तो अमेरिका ‘‘उनकी मदद के लिए आएगा।’’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने विस्तृत जानकारी दिये बिना कहा, ‘‘हम पूरी तरह से तैयार हैं और कार्रवाई को तत्पर हैं।’’
इसके कुछ ही समय बाद, ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव के रूप में कार्यरत संसद के पूर्व अध्यक्ष अली लारिजानी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि इजराइल और अमेरिका प्रदर्शनों को भड़का रहे हैं। हालांकि अपने इस दावे को लेकर कोई सबूत पेश नहीं किया।
लारिजानी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ट्रंप को यह पता होना चाहिए कि घरेलू समस्या में अमेरिका का हस्तक्षेप पूरे क्षेत्र में अराजकता और अमेरिकी हितों के विनाश के समान है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका के लोगों को यह पता होना चाहिए कि इस तरह के दुस्साहस की शुरुआत ट्रंप ने की है। उन्हें अपने सैनिकों की चिंता करनी चाहिए।’’ हालांकि, ईरान सरकार ने देश में ‘एक्स’ पर रोक लगाई है।
लारिजानी की टिप्पणियों में संभवतः इस क्षेत्र में अमेरिका की व्यापक सैन्य उपस्थिति का जिक्र था। जून में, इजराइल द्वारा इस्लामी गणराज्य के खिलाफ 12 दिवसीय युद्ध के दौरान अमेरिका ने तीन परमाणु स्थलों पर हमले किये थे जिसके जवाब में ईरान ने कतर के अल उदैद हवाई अड्डे पर हमला किया था।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के सलाहकार अली शमखानी ने भी चेतावनी देते हुए कहा, ‘‘ईरान की सुरक्षा के बहुत करीब आने वाले और किसी भी हस्तक्षेप करने वाले हाथ को काट दिया जाएगा।’’
ईरान संसद के कट्टरपंथी अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलीबाफ ने भी धमकी दी कि सभी अमेरिकी ठिकाने और सेनाएं ‘वैध लक्ष्य’ होंगी।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने भी प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका के खिलाफ तेहरान की लंबे समय से चली आ रही शिकायतों की एक सूची का हवाला दिया, जिसमें 1953 में सीआईए समर्थित तख्तापलट, 1988 में एक यात्री विमान को गिराना और जून युद्ध में भाग लेना शामिल है।
इस बीच, पाकिस्तान की सीमा से लगे ईरान के अशांत सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत के ज़ाहेदान में शुक्रवार को भी प्रदर्शनकारी सड़कों पर उते। प्रदर्शनों में मारे गए कई प्रदर्शनकारियों का अंतिम संस्कार भी हुआ, जिसके बाद लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए।
ऑनलाइन मंच पर प्रसारित वीडियो में दिख रहा है कि प्रदर्शनों के दौरान मारे गए 21 वर्षीय अमीरहेसम खोदयारी के जनाजे में शामिल लोगों को सुरक्षाकर्मी तितर-बितर करने की कोशिश कर रहे हैं। अमीरहेसम की हत्या बुधवार को ईरान के लोरेस्तान प्रांत में तेहरान से 400 किलोमीटर (250 मील) दक्षिण-पश्चिम में स्थित कौहदाश्त में हुई थी।
एपी धीरज रंजन
रंजन

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