बांग्लादेश ने पद्मा नदी पर बैराज परियोजना को मंजूरी दी, फरक्का बांध के ‘असर’ को कम करने का दावा
बांग्लादेश ने पद्मा नदी पर बैराज परियोजना को मंजूरी दी, फरक्का बांध के ‘असर’ को कम करने का दावा
ढाका, 13 मई (भाषा) बांग्लादेश ने बुधवार को पद्मा नदी पर एक बड़ी बांध निर्माण परियोजना को मंजूरी दी।
बांग्लादेश का कहना है कि इससे भारत के फरक्का बांध के ‘नकारात्मक प्रभाव’ को कम करने में मदद मिलेगी।
यह घटनाक्रम 1996 की भारत-बांग्लादेश गंगा जल बंटवारा संधि की अवधि दिसंबर में समाप्त होने से कुछ महीने पहले सामने आया है। भारत में पद्मा नदी को गंगा कहा जाता है।
अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान की अध्यक्षता वाली ‘ईसीएनईसी’ (राष्ट्रीय आर्थिक परिषद कार्यकारी समिति) ने परियोजना के पहले चरण को मंजूरी दी। इसकी अनुमानित लागत 34,497.25 करोड़ टका है।
जल संसाधन मंत्री शाहिदुद्दीन चौधरी अनी ने पत्रकारों को बताया कि इस परियोजना का एक प्रमुख उद्देश्य बांग्लादेश की ओर पानी का भंडारण कर गंगा पर फरक्का बैराज के प्रभाव को कम करना है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत और बांग्लादेश के बीच साझा 54 नदियों से जुड़े मुद्दों का इस परियोजना से संबंध नहीं है।
बांग्लादेश के मंत्री ने कहा, “पद्मा बांध बांग्लादेश के अपने हित का मामला है और इस मुद्दे पर भारत से किसी भी प्रकार की चर्चा की आवश्यकता नहीं है।”
हालांकि, अनी ने कहा कि गंगा के जल को लेकर भारत के साथ बातचीत जारी है। उन्होंने कहा, “गंगा के संबंध में चर्चा आवश्यक है और वह जारी है।”
भाषा
प्रचेता प्रशांत
प्रशांत

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