लंदन, 13 जनवरी (एपी) बीबीसी फ्लोरिडा की एक अदालत से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से उसके खिलाफ दायर 10 अरब अमेरिकी डॉलर के मुकदमे को खारिज करने का अनुरोध करेगा। अदालती दस्तावेजों से यह जानकारी सामने आई है।
ट्रंप ने छह जनवरी 2021 को उनकी ओर से दिए गए भाषण को संपादित करने के तरीके को लेकर बीबीसी के खिलाफ पिछले साल दिसंबर में मुकदमा दायर किया था। फ्लोरिडा की एक अदालत में दायर इस मुकदमे में मानहानि के लिए पांच अरब अमेरिकी डॉलर और अनुचित व्यापार प्रथाओं के लिए पांच अरब अमेरिकी डॉलर के हर्जाने की मांग की गई है।
ट्रंप ने यह भाषण 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जो बाइडन की जीत की पुष्टि करने की तैयारी कर रही कांग्रेस (संसद) पर उनके समर्थकों के हमले से कुछ समय पहले दिया था। आरोप है कि इस भाषण में ट्रंप ने बाइडन की जीत पर सवाल उठाते हुए अपने समर्थकों को उनके निर्वाचन का विरोध करने के लिए उकसाया था।
बीबीसी ने 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से पहले ‘ट्रंप: अ सेकेंड चांस?’ वृत्तचित्र प्रसारित किया था, जिसमें 2021 के भाषण के दो अलग-अलग हिस्सों के तीन उद्धरणों को एक साथ जोड़ा गया था, जो लगभग एक घंटे के अंतराल पर दिए गए थे। इससे ऐसा प्रतीत होता था कि यह एक ही उद्धरण है, जिसमें ट्रंप ने समर्थकों से उनके साथ मार्च करने और “जी जान से लड़ने” का आह्वान किया था।
हटाए गए हिस्सों में वह उद्धरण भी शामिल था, जहां ट्रंप ने कहा था कि वह चाहते हैं कि समर्थक शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करें। बीबीसी ने भाषण के संपादन को लेकर उनसे माफी मांगी थी, लेकिन उसने अमेरिकी राष्ट्रपति को बदनाम करने के आरोपों को खारिज किया था। इस विवाद के चलते बीबीसी के शीर्ष अधिकारी और समाचार प्रमुख को इस्तीफा देना पड़ा था।
फ्लोरिडा के सदर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में सोमवार को दायर दस्तावेजों में कहा गया है कि बीबीसी इस आधार पर मामले को खारिज करने के लिए याचिका दायर करेगा कि अदालत के पास अधिकार क्षेत्र नहीं है, अदालत का चयन “अनुचित” है और ट्रंप अपना “दावा साबित करने में विफल रहे हैं।”
दस्तावेजों के मुताबिक, बीबीसी के वकील दलील देंगे कि प्रसारक ने फ्लोरिडा में वृत्तचित्र का निर्माण, वितरण या प्रसारण नहीं किया और ट्रंप का यह दावा कि वृत्तचित्र अमेरिका में स्ट्रीमिंग सेवा ‘ब्रिटबॉक्स’ पर उपलब्ध था, सही नहीं है।
एपी पारुल दिलीप
दिलीप