वियतनाम नौका हादसे में मारे गए 15 भारतीय पर्यटकों के शव जल्द भारत भेजे जाएंगे

वियतनाम नौका हादसे में मारे गए 15 भारतीय पर्यटकों के शव जल्द भारत भेजे जाएंगे

वियतनाम नौका हादसे में मारे गए 15 भारतीय पर्यटकों के शव जल्द भारत भेजे जाएंगे
Modified Date: July 12, 2026 / 07:33 pm IST
Published Date: July 12, 2026 7:33 pm IST

(फोटो के साथ)

हनोई, 12 जुलाई (भाषा) वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास नौका हादसे में मारे गए 15 भारतीय पर्यटकों के शव रविवार को हो ची मिन्ह सिटी लाए गए जहां से जल्द ही उन्हें भारत भेजा जाएगा। हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने यह जानकारी दी।

भारतीय मिशन ने यह भी बताया कि बचाए गए 17 भारतीय पर्यटकों में से 16 अपने घर लौट रहे हैं जबकि एक पर्यटक की हालत गंभीर है और वह फू क्वोक के अस्पताल में भर्ती है।

फू क्वोक द्वीप के पास होन मे रुत नगोई के निकट शनिवार को 32 भारतीय पर्यटकों और स्थानीय चालक दल के चार सदस्यों को ले जा रही एक नौका पलट गई थी। इस हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई तथा अन्य सभी लोगों को बचा लिया गया।

दूतावास ने रविवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘कल हुए नौका हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय नागरिकों के शव हो ची मिन्ह सिटी भेजे गए हैं। हो ची मिन्ह सिटी में जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद शवों को जल्द से जल्द भारत भेजा जाएगा।’

दूतावास ने बताया कि उसकी टीम और वाणिज्य दूतावास की टीम वियतनाम के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं और वियतनाम के अधिकारी शवों को जल्द भारत भेजने के लिए हरसंभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

दूतावास ने कहा, ‘हम फू क्वोक अस्पताल में भर्ती एकमात्र जीवित व्यक्ति के जल्द ठीक होने की कामना कर रहे हैं।’

दूतावास की ओर से साझा की गई सूची के अनुसार 15 मृतकों में से 10 तमिलनाडु, तीन आंध्र प्रदेश तथा तीन केरल के रहने वाले थे। मृतकों में दो महिलाएं भी शामिल हैं।

सूची के मुताबिक, तमिलनाडु के मृतकों की पहचान सेंथिल कुमार जयवेल, मुरुगा प्रभु अरुमुगम, श्रीधर सुंदरराजन, शेख अब्दुल्ला अब्दुल मजीद, बालाजी नटेसन, विनय कुमार चिथिरापुरम भास्कर, रविशंकर सुगुमारन, संतोष कुमार शांतिलाल जैन, बाबू कुप्पुस्वामी और अलगुराजन शिवसामी के रूप में हुई है।

आंध्र प्रदेश के मृतकों की पहचान नल्लापेटा आदिशेषैया रवितेजा, श्रीधर मुदियम और जया लक्ष्मी गेल्ली के रूप में हुई है जबकि केरल के मृतकों की पहचान एविकॉट चेरियन थॉमस और लोवेनी थॉमस के तौर पर हुई है।

दक्षिण भारत के इन तीनों राज्यों की सरकारों ने हादसे से प्रभावित लोगों के परिजनों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

इससे पहले रविवार को दूतावास ने कहा था कि बचाए गए 17 पर्यटकों में से 16 को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और वे भारत लौट रहे हैं।

दूतावास ने ‘एक्स’ पर एक अलग पोस्ट में कहा, ‘‘शनिवार को हुए दुखद नौका हादसे में बचाए गए 15 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और वे भारत लौट रहे हैं।’’

दूतावास ने कहा, ‘गंभीर हालत वाले दो मरीजों में से एक को छुट्टी मिल गई है और वह भारत लौट रहा है। दूसरा फू क्वोक के अस्पताल में इलाज करा रहा है।’

फू क्वोक वियतनाम का सबसे बड़ा द्वीप और एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह सफेद रेत वाले समुद्र तटों, प्रवाल भित्तियों और द्वीप भ्रमण के लिए जाना जाता है।

ऐसा बताया जा रहा है कि पर्यटक एक द्वीप की सैर कर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। नौका फू क्वोक के तट से दूर अन थोई द्वीपसमूह में स्थित होन मे रुत नगोई द्वीप से करीब 400 मीटर दूर पलट गई थी।

स्थानीय पर्यटकों ने अपनी नावों से, कथित तौर पर पानी में गिरे यात्रियों को बचाने के लिए तुरंत मदद की। इसके बाद सीमा सुरक्षा बल, नौसेना, तटरक्षक बल और अन्य एजेंसियां बचाव अभियान में शामिल हुईं।

प्रत्यक्षदर्शियों ने स्थानीय मीडिया को बताया कि कुछ यात्री पलटी हुई स्पीडबोट के अंदर फंस गए थे, जिससे बचाव कार्य मुश्किल हो गया था।

हादसे का सही कारण अभी पता नहीं चल पाया है।

स्थानीय मीडिया में आईं खबरों के अनुसार, वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग ने हादसे के कारणों की जांच के आदेश दिए हैं और अधिकारियों को जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

भाषा जोहेब नरेश

नरेश


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