ब्रिटिश हिंदू समूहों ने आरएसएस प्रमुख भागवत का स्वागत किया, ब्रिटेन सरकार ने वीजा का बचाव किया
ब्रिटिश हिंदू समूहों ने आरएसएस प्रमुख भागवत का स्वागत किया, ब्रिटेन सरकार ने वीजा का बचाव किया
लंदन, तीन सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत का बृहस्पतिवार को 100 से अधिक ब्रिटिश हिंदुओं और समुदाय के संगठनों ने ब्रिटेन में स्वागत किया। वह तीन देशों की अपनी यात्रा के आखिरी चरण के तहत लंदन पहुंचे हैं।
आरएसएस का शताब्दी वर्ष मनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों से संपर्क साधने के तहत भागवत ने अमेरिका और कनाडा की भी यात्रा की।
इस बीच, ब्रिटेन के सुरक्षा मंत्री डैन जार्विस ने बृहस्पतिवार को ब्रिटिश संसद में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में फिर से कहा कि यह यात्रा देश के आव्रजन नियमों के अनुरूप है।
इस हफ्ते भागवत की ब्रिटेन यात्रा की शुरुआत में ‘हिंदू काउंसिल यूके’, ‘हिंदू फोरम ऑफ ब्रिटेन’, ‘हिंदू स्वयंसेवक संघ यूके’ और ‘इनसाइट यूके’ जैसे संगठनों ने एक संयुक्त बयान जारी किया।
उन्होंने कहा, ‘‘संघ दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन है, जो चरित्र निर्माण, स्वयंसेवा, नेतृत्व, सामाजिक एकजुटता और वैश्विक भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है।’’
बयान के अनुसार, आरएसएस अपने बड़े पैमाने पर किए जाने वाले सामाजिक कार्यों, समानता को बढ़ावा देने, दूर-दराज और दुर्गम इलाकों में शिक्षा पहुंचाने और प्राकृतिक आपदाओं के समय सबसे पहले मदद के लिए पहुंचने वाले संगठन के तौर पर जाना जाता है।
इसमें कहा गया है, ‘‘हम संघ के शताब्दी वर्ष के मौके पर डॉ. भागवत के नेतृत्व में पांच तरह के बदलाव लाने की कोशिशों का स्वागत करते हैं, जो हमारे सभी समुदायों के लिए अहम हैं: सामाजिक सद्भाव और एकता; समाज में परिवार की अहमियत; निस्वार्थ सेवा; पर्यावरण की देखभाल; और नागरिक कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन।’’
भागवत के सप्ताहांत पर प्रवासी भारतीयों के एक विशाल समूह को संबोधित करने की उम्मीद है।
पिछले हफ्ते, ब्रिटिश-भारतीय मंत्री नादिया व्हिटोम ने संसद में ब्रिटिश गृह कार्यालय से सवाल पूछा था कि क्या विभाग ने ‘‘नफरती भाषण देने वाले लोगों और चरमपंथियों को ब्रिटेन में आने से रोकने संबंधी देश की प्रतिबद्धता’’ के तहत इस दौरे का पूरी तरह से आकलन किया है।
मंत्री जार्विस ने जवाब दिया कि हालांकि, गृह कार्यालय किसी खास मामले पर टिप्पणी नहीं कर सकता, लेकिन वह ‘‘सभी तरह के खतरों’’ से निपटने और ‘‘ऐसे किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है जो हिंसा और नफरत को बढ़ावा देने वाले विचार फैलाते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ब्रिटेन में आने वाले सभी लोगों को आव्रजन नियमों की शर्तों को पूरा करना होगा।’’
यह बात ‘साउथ एशिया सॉलिडेरिटी ग्रुप’ और ‘हिंदुज फॉर ह्यूमन राइट्स यूके’ के नेतृत्व में कुछ नागरिक समाज संगठनों द्वारा ब्रिटिश सरकार से आरएसएस प्रमुख की यात्रा का बहिष्कार करने की अपील के बाद कही गई थी।
भाषा
सुभाष माधव
माधव

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