पाकिस्तान यात्रा के बाद जांच के दायरे में आया ब्रिटिश युवक आतंकवाद के मामले में दोषी ठहराया गया
पाकिस्तान यात्रा के बाद जांच के दायरे में आया ब्रिटिश युवक आतंकवाद के मामले में दोषी ठहराया गया
(अदिति खन्ना)
लंदन, 20 जून (भाषा) ब्रिटेन में 20 साल के एक युवक को इस्लामी आतंकवादी सामग्री रखने और उसे साझा करने का दोषी ठहराया गया है। पाकिस्तान की यात्रा के बाद से ही वह सुरक्षा एजेंसियों की नजर में आ गया था।
शुजा जिब्राइल मोहसिन (20) को शुक्रवार को यहां ओल्ड बेली अदालत में दो हफ्ते तक चले मुकदमे के बाद दोषी पाया गया और उसे 14 अगस्त को सजा सुनाई जाएगी।
मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने कहा, ‘‘जनवरी 2024 में पाकिस्तान की यात्रा से ब्रिटेन लौटते समय हीथ्रो हवाई अड्डा पर आतंकवाद रोधी टीम के अधिकारियों ने मोहसिन को रोका था।’’
तब, उसके फोन और अन्य उपकरण की जांच के बाद उसे जाने दिया गया था।
पुलिस ने कहा, ‘‘उसे ऐसे सबूत मिले कि मोहसिन तालिबान, हमास और आईएसआईएस समेत चरमपंथी इस्लामी संगठनों से जुड़ी सामग्री देख रहा था और उनसे संबद्ध कई चैट ग्रुप में शामिल था।’’
पुलिस के अनुसार मार्च 2024 में उसे गिरफ़्तार किया गया और उसका कंप्यूटर भी जब्त कर लिया गया। जुलाई 2024 में उसके उपकरण में मिली कुछ सामग्री के बारे में पूछताछ के लिए उसे फिर से गिरफ़्तार किया गया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया।
जमानत पर रिहा होने और आगे की जांच-पड़ताल एवं उपकरणों को खंगालने के बाद पिछले साल अप्रैल में उसके खिलाफ आरोप तय करने की मंज़ूरी दी गई थी।
लंदन में आतंकवाद रोधी पुलिस (सीटीपी) की जांच में मोहसिन के कट्टरपंथी इस्लामी गुटों से जुड़े होने का पता चला।
सीटीपी जांचकर्ताओं ने मोहसिन के फोन की जांच की और उसमें ‘खास चिंता’ वाली सामग्री पाई, जिसमें बम बनाने का तौर-तरीके और आईएसआईएस के कई वीडियो शामिल थे। इन वीडियो में लोगों की हत्या दिखाई गई थी। यही नहीं, मोहसिन ने ये वीडियो ऑनलाइन के माध्यम से जान-पहचान के एक अन्य व्यक्ति को भेजे थे।
सीटीपी, लंदन की प्रमुख कमांडर हेलेन फ्लैनागन ने कहा, ‘‘हमारी जांच से पता चला कि मोहसिन सिर्फ 14 या 15 साल की उम्र से ही कट्टरपंथी और आतंकवादी सामग्री और विचारधारा की तरफ आकर्षित हो गया था।’’
भाषा संतोष राजकुमार
राजकुमार
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