बीजिंग, 14 जनवरी (एपी) कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी बुधवार रात को चार दिवसीय चीन यात्रा पर बीजिंग पहुंचे। कार्नी की इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच बिगड़ते संबंधों को सुधारना है, क्योंकि कनाडा अमेरिका के अलावा अन्य देशों के साथ संबंध विकसित करने की कोशिश कर रहा है।
लगभग एक दशक में किसी कनाडाई नेता की यह चीन की पहली यात्रा है। कार्नी चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग और राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात करेंगे।
चीन का सरकारी मीडिया कनाडा की सरकार से अमेरिका से स्वतंत्र विदेश नीति अपनाने का आह्वान करता रहा है, जिसे वह ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ कहता है।
कनाडा भौगोलिक और अन्य रूप से लंबे समय से अमेरिका के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक रहा है। लेकिन बीजिंग को उम्मीद है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अन्य देशों के खिलाफ आर्थिक आक्रामकता – और अब, सैन्य कार्रवाई – लंबे समय से चले आ रहे इस संबंध को कमजोर कर देगी।
ट्रंप ने अन्य बातों के अलावा यह भी कहा है कि कनाडा अमेरिका का 51वां राज्य बन सकता है। कार्नी ने व्यापार पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी चीन यात्रा को दुनिया भर में नई साझेदारियां बनाने की दिशा में एक कदम बताया है ताकि अमेरिकी बाजार पर कनाडा की आर्थिक निर्भरता को समाप्त किया जा सके।
ट्रंप ने कनाडा के अमेरिकी निर्यात पर शुल्क लगा दिया है और राय जाहिर की है कि विशाल और संसाधन संपन्न यह देश अमेरिका का 51वां राज्य बन सकता है।
चीन सरकार ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा चीन का मुकाबला करने के लिए यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, भारत, कनाडा और अन्य देशों के साथ संबंध मजबूत करने के प्रयासों पर कड़ी आपत्ति जताई थी। अब उसे इन संबंधों को कमजोर करने का अवसर दिख रहा है, हालांकि वह इस बात को लेकर सतर्क है कि यह कदम कितना आगे बढ़ेगा।
चीन के साथ संबंधों में आई गिरावट की शुरुआत 2018 के अंत में अमेरिकी अनुरोध पर एक चीनी तकनीकी अधिकारी की गिरफ्तारी से हुई और हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की सरकार द्वारा 2024 में बाइडन के नक्शे कदम पर चलते हुए चीन निर्मित इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने के फैसले से इसे और बल मिला।
कार्नी ने अक्टूबर में दक्षिण कोरिया में आयोजित एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग शिखर सम्मेलन में भी शी चिनफिंग से मुलाकात की थी।
(एपी)
संतोष प्रशांत
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