कैरोल मानहानि मामला : अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने ट्रंप को दोबारा झटका दिया
कैरोल मानहानि मामला : अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने ट्रंप को दोबारा झटका दिया
वाशिंगटन, 17 अगस्त (एपी) अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दोबारा झटका देते हुए लेखिका ई-जीन कैरोल से जुड़े मामले में जूरी के फैसले को रद्द करने की उनकी अर्जी खारिज कर दी।
जूरी अदालत ने ट्रंप को 1990 के दशक के मध्य में न्यूयॉर्क शहर के एक डिपार्टमेंट स्टोर में कैरोल का यौन शोषण करने और बाद में उन्हें बदनाम करने का दोषी करार देते हुए 50 लाख अमेरिकी डॉलर का हर्जाना देने को कहा था।
रिपब्लिकन पार्टी के नेता ट्रंप के वकीलों ने न्यायाधीशों से उनकी अपील पर सुनवाई करने से इनकार करने के फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया था।
अदालत का ऐसी अर्जियों को मंजूरी देना असामान्य है। जून में अदालत द्वारा उनकी अपील पर सुनवाई करने से इनकार करने के कुछ ही समय बाद ट्रंप ने फैसले के तहत हर्जाने की रकम अदा कर दी थी।
ट्रंप और न्याय विभाग उच्च न्यायालय से कैरोल मामले में आए दूसरे फैसले को भी रद्द करने का अनुरोध कर रहे हैं, जिसमें 8.3 करोड़ अमेरिकी डॉलर का हर्जाना तय किया गया था। उनकी दलील है कि 2019 में राष्ट्रपति रहते हुए कैरोल के बारे में की गई टिप्पणियों के लिए उन पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। अदालत ने अभी तक इस अपील पर सुनवाई नहीं की है।
कैरोल लंबे समय से परामर्श स्तंभकार और टीवी टॉक शो की पूर्व प्रस्तोता रही हैं। वर्ष 2023 में एक मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने गवाही दी कि 1990 के दशक में मैनहट्टन में ट्रंप टॉवर के सामने मौजूद लग्ज़री रिटेलर ‘बर्गडॉर्फ गुडमैन’ के ड्रेसिंग रूम में ट्रंप ने हिंसक हमला किया था।
जूरी ने पाया कि 2022 में कैरोल के आरोपों को नकारकर ट्रंप ने उनकी बदनामी की थी, जिसके लिए उन्हें दोषी ठहराया गया।
ट्रंप ने हालांकि स्वयं पर लगे आरोपों से इनकार किया है।
एसोसिएटेड प्रेस यौन उत्पीड़न के पीड़ितों की पहचान उजागर नहीं करती लेकिन इस मामले में कैरोल स्वयं सामने आई थीं।
एपी धीरज नेत्रपाल
नेत्रपाल

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