हमास के साथ दो घंटे की बैठक के बाद गाजा पर वार्ता के लिए नेतन्याहू के साथ बैठे कुशनर

हमास के साथ दो घंटे की बैठक के बाद गाजा पर वार्ता के लिए नेतन्याहू के साथ बैठे कुशनर

हमास के साथ दो घंटे की बैठक के बाद गाजा पर वार्ता के लिए नेतन्याहू के साथ बैठे कुशनर
Modified Date: August 17, 2026 / 04:51 pm IST
Published Date: August 17, 2026 4:51 pm IST

यरुशलम, 17 अगस्त (एपी) पश्चिम एशिया मामलों के वार्ताकार और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर सोमवार को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बैठक कर रहे हैं।

नेतन्याहू ने गाजा में युद्धविराम समझौते को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिका समर्थित 15-सूत्री समझौते को खारिज कर दिया था।

बैठकों के हालिया दौर में, अमेरिका समझौते की रूपरेखा के लिए इजराइल की मंजूरी हासिल करने की कोशिश कर रहा है। इसमें बहुत कुछ दांव पर लगा है, जिसमें गाज़ा में लगभग 20 लाख फलस्तीनियों की जिंदगी, तबाह हुए इलाके का पुनर्निर्माण और उस इलाके पर भविष्य का नियंत्रण शामिल है।

प्रस्तावित समझौते के तहत इजराइल को गाजा से हटना है।

हालांकि इजराइल का कहना है कि इजराइली सेना की वापसी से पहले हमास को पूरी तरह से हथियार त्यागने होंगे।

इजराइली सेना ने इस गाजा पट्टी के लगभग 60 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा कर रखा है और नेतन्याहू ने पहले भी आगे बढ़ने की धमकी दे रखी है।

सूत्रों के अनुसार, नेतन्याहू के साथ हुई बैठक में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और ‘शांति बोर्ड’ के निदेशक निकोलेय म्लादेनोव भी शामिल थे। यह बैठक बंद कमरे में हुई।

यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब कुशनर ने रविवार को मिस्र में हमास प्रमुख खलील अल-हय्या के साथ, हथियार त्यागने के मुद्दे पर दो घंटे से अधिक समय तक बातचीत की।

मध्यस्थता करने वाले देशों -मिस्र, कतर और तुर्की- के अधिकारी भी वहां मौजूद थे।

हमास के अधिकारी ने यह भी कहा कि हमास नेता ने मांग की है कि अमल शुरू करने से पहले इजराइल गाजा पर हमले रोके और उस इलाके को बांटने वाली तथाकथित ‘‘येलो लाइन’’ तक पीछे हट जाए।

‘येलो लाइन’ को कभी भी ठीक-ठीक परिभाषित नहीं किया गया था। इजराइली सेनाएं इसे पार कर चुकी हैं और अब गाजा के लगभग 60 प्रतिशत हिस्से पर उनका नियंत्रण है।

नेतन्याहू ने मई में कहा था कि अगला कदम 70 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण हासिल करना है, जिसके तहत इजराइल हर तरफ से हमास पर अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है।

एपी सुभाष सुरेश

सुरेश


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