चीन ने होर्मुज जलडमरूमध्य की अमेरिकी नाकाबंदी को ‘खतरनाक और गैरजिम्मेदाराना’ कदम बताया

चीन ने होर्मुज जलडमरूमध्य की अमेरिकी नाकाबंदी को ‘खतरनाक और गैरजिम्मेदाराना’ कदम बताया

चीन ने होर्मुज जलडमरूमध्य की अमेरिकी नाकाबंदी को ‘खतरनाक और गैरजिम्मेदाराना’ कदम बताया
Modified Date: April 14, 2026 / 08:48 pm IST
Published Date: April 14, 2026 8:48 pm IST

(के जे एम वर्मा)

बीजिंग, 14 अप्रैल (भाषा) चीन ने होर्मुज जलडमरूमध्य की अमेरिकी नाकाबंदी को ‘‘खतरनाक और गैरजिम्मेदाराना कदम’’ करार दिया और वाशिंगटन और तेहरान से युद्धविराम का सम्मान करने का आग्रह किया।

चीन ने ईरान को सैन्य सहायता देने से भी इनकार किया और आगाह किया कि अगर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तेहरान की मदद करने के आरोप पर चीन के खिलाफ शुल्क बढ़ाते हैं तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा।

इस बीच, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव अमेरिका-ईरान संघर्ष पर चर्चा करने के लिए आधिकारिक दौरे पर चीन पहुंचे हैं। उनकी दो दिवसीय यात्रा राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा चीन और अन्य देशों को ईरान की तेल आपूर्ति को बाधित करने के प्रयास में होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी की घोषणा की पृष्ठभूमि में हो रही है।

रूस के विदेश मंत्रालय ने इससे पहले कहा था कि बीजिंग में लावरोव अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ बातचीत करेंगे।

रूस की सरकारी समाचार एजेंसी ‘तास’ के अनुसार, दोनों पक्षों द्वारा द्विपक्षीय संबंधों और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने की उम्मीद है, जिसमें पश्चिम एशिया की स्थिति और यूक्रेन संकट शामिल हैं।

अमेरिकी नाकाबंदी पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने यहां प्रेस वार्ता में कहा कि अस्थायी युद्धविराम समझौते के लागू रहने के बावजूद, अमेरिका ने सैन्य तैनाती बढ़ा दी और लक्षित नाकाबंदी का सहारा लिया।

उन्होंने कहा कि इससे टकराव, तनाव बढ़ेगा, पहले से ही नाजुक युद्धविराम कमजोर होगा और होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवागमन और भी खतरे में पड़ जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘यह एक खतरनाक और गैरजिम्मेदाराना कदम है। चीन का मानना ​​है कि केवल पूर्ण युद्धविराम ही स्थिति को सामान्य बनाने के लिए बुनियादी परिस्थितियां पैदा कर सकता है।’’

उन्होंने कहा, “संबंधित पक्षों को अस्थायी युद्धविराम का पालन करना चाहिए और राजनीतिक और कूटनीतिक माध्यमों से विवादों को सुलझाने पर जोर देना चाहिए। चीन शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा, सभी पक्षों को बातचीत की मेज पर लाएगा और पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता की शीघ्र वापसी के लिए प्रयासरत रहेगा।’’

भाषा आशीष माधव

माधव


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