अगर अमेरिका युद्ध शुरू करता है, तो इस बार पूरा क्षेत्र इसकी चपेट में आ जाएगा : खामेनेई

अगर अमेरिका युद्ध शुरू करता है, तो इस बार पूरा क्षेत्र इसकी चपेट में आ जाएगा : खामेनेई

अगर अमेरिका युद्ध शुरू करता है, तो इस बार पूरा क्षेत्र इसकी चपेट में आ जाएगा : खामेनेई
Modified Date: February 1, 2026 / 05:33 pm IST
Published Date: February 1, 2026 5:33 pm IST

दुबई, एक फरवरी (एपी) ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य कार्रवाई की धमकी पर पलटवार करते हुए रविवार को चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने हमला किया, तो पश्चिम एशिया में “क्षेत्रीय युद्ध” भड़क सकता है।

अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन और इससे जुड़े युद्धपोत फिलहाल अरब सागर में तैनात हैं, जिन्हें ट्रंप ने तेहरान में व्यापक विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के बाद भेजा था।

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप सैन्य ताकत का उपयोग करेंगे या नहीं। उन्होंने कई बार कहा है कि ईरान बातचीत चाहता है।

ट्रंप ने यह भी कहा है कि वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा हल होते हुए देखना चाहते हैं।

हालांकि, खामेनेई ने राष्ट्रीय स्तर पर जारी विरोध प्रदर्शनों को तख्तापलट जैसा बताया और कहा कि इससे सरकार का रुख और कड़ा हो गया है। खबरों के अनुसार, विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद से लाखों लोग हिरासत में लिए जा चुके हैं।

ईरान में राजद्रोह के मामलों में मृत्युदंड का प्रावधान है। इससे यह चिंता फिर से बढ़ गई है कि तेहरान गिरफ्तार लोगों को सामूहिक रूप से फांसी देने जैसी कार्रवाई कर सकता है।

ईरान ने रविवार और सोमवार को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य अभ्यास करने की योजना भी बनाई है। होर्मुज जलडमरूमध्य वह संकरा मार्ग है, जहां से बड़ी मात्रा में दुनियाभर में तेल की ढुलाई होती है।

ईरानी सरकारी टेलीविजन ने खामेनेई के हवाले से कहा, “अमेरिकियों को यह समझ लेना चाहिए कि यदि वे युद्ध शुरू करते हैं, तो इस बार यह एक क्षेत्रीय युद्ध होगा।”

खबर के अनुसार, खामेनेई ने कहा, “हम न तो उकसाने वाले हैं और न ही किसी देश पर हमला करना चाहते हैं। लेकिन ईरान पर जो कोई भी हमला करेगा या उसे परेशान करेगा, उसे ईरानी जनता कड़ा जवाब देगी।”

खामनेई ने स्वीकार किया कि कुछ लोगों की आर्थिक समस्याएं वास्तविक थीं और इन्हीं कारणों से उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू किए थे।

ईरान में 28 दिसंबर को विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे। शुरुआत में विरोध प्रदर्शन ईरानी मुद्रा रियाल के पतन के विरोध में हुए थे। जल्द ही ये प्रदर्शन सीधे खामेनेई शासन के लिए चुनौती बन गए।

उन्होंने कहा, “हालिया राजद्रोह को तख्तापलट के समान माना जा सकता है। बेशक, इस तख्तापलट को कुचल दिया गया।”

उन्होंने कहा, “इनका उद्देश्य देश चलाने वाले संवेदनशील और प्रभावशाली केंद्रों को नष्ट करना था, और इसी कारण प्रदर्शनकारियों ने पुलिस, सरकारी केंद्रों, रिवॉल्यूशनरी गार्ड के प्रतिष्ठानों, बैंकों और मस्जिदों पर हमला किया — और कुरान की प्रतियां जलाईं। उन्होंने उन केंद्रों को निशाना बनाया, जो देश को चलाते हैं।”

एपी जोहेब दिलीप

दिलीप


लेखक के बारे में