भारत ने अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हवाई हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन करार दिया

भारत ने अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हवाई हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन करार दिया

भारत ने अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हवाई हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन करार दिया
Modified Date: March 10, 2026 / 04:06 pm IST
Published Date: March 10, 2026 4:06 pm IST

संयुक्त राष्ट्र, 10 मार्च (भाषा) भारत ने अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हवाई हमलों की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का ‘‘स्पष्ट उल्लंघन’’ करार दिया और कहा है कि रमजान के दौरान नागरिकों की जान लेने वाले हमले करते समय इस्लामी एकजुटता का आह्वान करना ‘‘पाखंड’’ है।

सोमवार को अफगानिस्तान की स्थिति पर सुरक्षा परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए, संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वतनेनी ने अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के अनुपालन और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव के आह्वान के प्रति नयी दिल्ली के समर्थन को दोहराया।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत अफगानिस्तान की धरती पर हुए हवाई हमलों की कड़ी निंदा करता है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और देश की संप्रभुता के सिद्धांत का घोर उल्लंघन हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘एक ओर अंतरराष्ट्रीय कानून और इस्लामी एकजुटता के उच्च सिद्धांतों का समर्थन करना और दूसरी ओर रमजान के पवित्र महीने के दौरान बर्बर हवाई हमले करना पाखंड है। इन हमलों में छह मार्च तक 185 निर्दोष नागरिक मारे गए हैं।’’

अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) के अनुसार, मारे गए 185 लोगों में से लगभग 55 प्रतिशत महिलाएं और बच्चे हैं, और हमलों के कारण 100,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं।

पर्वतनेनी ने अफगानिस्तान जैसे भूमि से घिरे देश में व्यापार के लिए रास्ता देने से इनकार करने और पहुंच को जानबूझकर बाधित करने को पारगमन आतंकवाद का रूप करार देते हुए इस पर गंभीर चिंता व्यक्त की।

इसे विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के मानदंडों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने कहा कि भूमि से घिरे विकासशील देशों (एलएलडीसी) की व्यापार और पारगमन संबंधी मजबूरियों को हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘हम इन कृत्यों की निंदा करते हुए, अफगानिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता, संप्रभुता और स्वतंत्रता के प्रति अपने समर्थन की पुष्टि करते हैं।’’

भाषा शफीक दिलीप

दिलीप


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