ब्रिटेन से 2025 में लौटने वाले विदेशियों में भारतीय विद्यार्थी और कामगार सबसे अधिक

ब्रिटेन से 2025 में लौटने वाले विदेशियों में भारतीय विद्यार्थी और कामगार सबसे अधिक

ब्रिटेन से 2025 में लौटने वाले विदेशियों में भारतीय विद्यार्थी और कामगार सबसे अधिक
Modified Date: May 21, 2026 / 08:15 pm IST
Published Date: May 21, 2026 8:15 pm IST

(अदिति खन्ना)

लंदन, 21 मई (भाषा) ब्रिटेन की राजधानी लंदन में बृहस्पतिवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक 2025 में पिछले साल के मुकाबले ब्रिटेन के निवल प्रवासन में करीब 50 प्रतिशत की गिरावट आई है। रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन छोड़ने वाले विदेशी प्रवासियों में भारतीय छात्र और कामगार शीर्ष पर हैं।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (ओएनएस) के 2025 के विश्लेषण के अनुसार, पढ़ाई करने आने वाले 51 हजार भारतीय, काम के लिए आने वाले 21,000 भारतीयों और अन्य अनिर्दिष्ट कारणों से आने वाले 3,000 भारतीयों ने ब्रिटेन छोड़ा। इसके बाद चीनी नागरिकों का स्थान है जिनकी कुल संख्या 46 हजार है।

आंकड़ों के मुताबिक 2025 में 19 हजार पाकिस्तानियों ने, इतने ही नाइजीरियाई नागरिकों ने और 18 हजार यूक्रेनियाई नागरिकों ने ब्रिटेन छोड़ा। इस प्रकार ब्रिटेन छोड़ने वाले विदेशियों में इन पांच देशों के नागरिक शीर्ष पर रहे और निवल प्रवासन में पिछले साल करीब 1,70,000 की कमी आई।

ब्रिटेन की गृह मंत्री शबाना महमूद ने कहा, ‘‘निवल प्रवासन अब 1,71,000 पर है, जो कंजर्वेटिव सरकार के शासनकाल में 9,44,000 के उच्च स्तर से कम है। यह सरकार हमारी सीमाओं पर व्यवस्था और नियंत्रण बहाल कर रही है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम इस देश में योगदान देने वाले और यहां बेहतर जीवन की इच्छा रखने वालों का हमेशा स्वागत करेंगे। लेकिन हमें अपनी सीमाओं पर व्यवस्था और नियंत्रण बहाल करना होगा। जैसा कि ये आंकड़े दर्शाते हैं, वास्तविक प्रगति हुई है, लेकिन अब भी बहुत काम करना बाकी है।’’

आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष मार्च में समाप्त होने वाले वित्तवर्ष में स्वास्थ्य और देखभाल कार्यकर्ता श्रेणी में वीजा सबसे अधिक 107,306 भारतीयों को जारी किये गए, उसके बाद नाइजीरियाई (89,575) और जिम्बाब्वे के (31,117) नागरिकों का स्थान है।

इसी प्रकार, कुशल कामगार वीजा विस्तार पाने वालों में भारतीयों की संख्या सबसे अधिक (89,851) रही, उसके बाद पाकिस्तानी (16,607) और नाइजीरियाई (13,409) नागरिकों का स्थान रहा। छात्रों में, स्नातक के रास्ते वीजा विस्तार पाने वालों में भी सबसे अधिक संख्या भारतीयों (70,371) की रही और वे ब्रिटेन के लिए प्रायोजित अध्ययन वीजा प्राप्त करने वाले सबसे आम नागरिक भी बने रहे, जिनकी संख्या 90,425 थी – जो इस श्रेणी में कुल वीजा अनुदान का 23 प्रतिशत है।

ओएनएस के विश्लेषण के मुताबिक यूरोपीय संघ (ईयू) के बाहर के नागरिकों, जिनमें भारतीय भी शामिल हैं, की संख्या में पिछले वर्ष 47 प्रतिशत की गिरावट आई है, और यह निवल प्रवासन में लगातार गिरावट का मुख्य कारण है। निवल प्रवासन का अभिप्राय ब्रिटेन में आने वाले लोगों की कुल संख्या और ब्रिटेन से बाहर जाने वाले लोगों की संख्या के बीच का अंतर है।

भाषा शफीक धीरज संतोष

संतोष


लेखक के बारे में