चक्रवात प्रभावित श्रीलंका में भारत की वित्तीय मदद से तैयार पहला ‘बेली ब्रिज’ यातायात के लिए खोला गया
चक्रवात प्रभावित श्रीलंका में भारत की वित्तीय मदद से तैयार पहला ‘बेली ब्रिज’ यातायात के लिए खोला गया
कोलंबो, 11 जनवरी (भाषा) चक्रवात प्रभावित श्रीलंका में भारत की वित्तीय मदद से तैयार पहला ‘बेली ब्रिज’ रविवार को यातायात के लिए खोल दिया गया। कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने यह जानकारी दी।
उच्चायोग ने बताया कि 100 फुट लंबे इस ‘बेली ब्रिज’ का निर्माण भारतीय सेना ने किया है और इसके खुलने से मध्य प्रांत व उवा प्रांत के बीच एक महत्वपूर्ण सड़क संपर्क बहाल हो गया।
‘बेली ब्रिज’ आसानी से ले जाए जाने योग्य एक पूर्वनिर्मित पुल होता है, जिसके हिस्सों को तेजी से जोड़कर पुल का रूप दिया जाता है।
उच्चायोग ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “संपर्क बहाल करते हुए चक्रवात ‘दितवा’ के बाद पुनर्निर्माण के लिए भारत की ओर से दिए गए सहायता पैकेज के तहत निर्मित पहला ‘बेली ब्रिज’ यातायात के लिए खोल दिया गया है।”
उसने बताया कि श्रीलंका में भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा ने परिवहन उप मंत्री प्रसन्ना गुनासेना और शिक्षा एवं उच्च शिक्षा उप मंत्री मधुरा सेनेविरत्ने के साथ मिलकर इस पुल का उद्घाटन किया।
उच्चायोग ने बताया कि इस पुल का निर्माण भारत की ओर से श्रीलंका को दिए गए 45 करोड़ अमेरिकी डॉलर के पुनर्निर्माण पैकेज के तहत किया गया है, जो नवंबर में चक्रवात ‘दितवा’ के कारण बड़े पैमाने पर बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं का गवाह बना था, जिसके परिणामस्वरूप 600 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।
विदेश मंत्री एस जयशंकर की श्रीलंका यात्रा के दौरान इस पैकेज की घोषणा की गई थी। इसमें 35 करोड़ अमेरिकी डॉलर की रियायती ऋण सुविधा और 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर का अनुदान शामिल है।
भारत ने श्रीलंका को राहत और पुनर्वास सहायता प्रदान करने के लिए पिछले साल 28 नवंबर को ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ शुरू किया था।
श्रीलंका रेलवे के महाप्रबंधक रवींद्र पथमाप्रिया ने बताया था कि भारत ने महावा जंक्शन से ओमानथाई तक चक्रवात से क्षतिग्रस्त उत्तरी रेलवे लाइन के पुनर्निर्माण के लिए भी सहायता प्रदान की है।
भाषा पारुल वैभव
वैभव

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