आत्महत्या से संबंधित शब्द बार-बार खोजने पर इंस्टाग्राम अभिभावकों को करेगा सतर्क

आत्महत्या से संबंधित शब्द बार-बार खोजने पर इंस्टाग्राम अभिभावकों को करेगा सतर्क

आत्महत्या से संबंधित शब्द बार-बार खोजने पर इंस्टाग्राम अभिभावकों को करेगा सतर्क
Modified Date: February 27, 2026 / 05:28 pm IST
Published Date: February 27, 2026 5:28 pm IST

वॉशिंगटन, 27 फरवरी (एपी) सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम ने घोषणा की है कि यदि किशोर उपयोगकर्ता आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाने से संबंधित शब्दों को बार-बार खोजते हैं, तो वह उनके अभिभावकों को सूचित करेगा।

यह अलर्ट केवल उन अभिभावकों को भेजे जाएंगे जो इंस्टाग्राम के ‘पैरेंटल सुपरविजन’ कार्यक्रम में नामांकित हैं।

इंस्टाग्राम का कहना है कि वह पहले से ही ऐसे संवेदनशील कंटेंट को किशोरों के सर्च परिणामों में दिखने से रोकता है और उपयोगकर्ताओं को हेल्पलाइन की ओर निर्देशित करता है।

यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा बच्चों को होने वाले कथित नुकसान से जुड़े दो मुकदमों का सामना कर रही है। लॉस एंजिलिस में चल रहे एक मुकदमे में यह सवाल उठाया गया है कि क्या मेटा के मंच जानबूझकर नाबालिगों को लत लगाने और उन्हें नुकसान पहुंचाने के लिए डिजाइन किए गए हैं। वहीं, न्यू मैक्सिको में एक अन्य मामले में यह जांच की जा रही है कि क्या मेटा अपने मंच पर बच्चों को यौन शोषण से बचाने में विफल रही।

हजारों परिवारों, जिलों और सरकारी संस्थाओं ने मेटा तथा अन्य सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ मुकदमे दायर किए हैं। उनका आरोप है कि ये कंपनियां अपने मंच को जानबूझकर इस तरह डिजाइन करती हैं कि उनकी लत लग जाए। यह भी आरोप है कि ये कंपनियां बच्चों को अवसाद, खान-पान संबंधी विकार और आत्महत्या जैसे जोखिम वाले कंटेंट से पर्याप्त सुरक्षा नहीं देतीं।

मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग यहित शीर्ष अधिकारियों ने इन आरोपों से असहमति जताई है। लॉस एंजिलिस में वादी पक्ष के वकील द्वारा पूछताछ के दौरान जुकरबर्ग ने कहा कि वह अपने पूर्व बयान पर कायम हैं कि उपलब्ध वैज्ञानिक शोध यह साबित नहीं करता कि सोशल मीडिया मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है।

कंपनी के अनुसार, अभिभावकों को ईमेल, टेक्स्ट संदेश या व्हाट्सऐप के माध्यम से अलर्ट भेजे जाएंगे। साथ ही, अभिभावकों के इंस्टाग्राम खाते पर भी सूचना दी जाएगी।

कंपनी ने यह भी बताया कि वह कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के साथ किशोरों की बातचीत को लेकर अभिभावकों को सूचित करने की समान व्यवस्था पर काम कर रही है।

मेटा के अनुसार, यदि कोई किशोर एआई के साथ आत्महत्या या स्वयं को नुकसान पहुंचाने के संबंध में बातचीत करने की कोशिश करता है, तो अभिभावकों को इसकी जानकारी दी जाएगी। कंपनी ने कहा कि इस संबंध में आने वाले महीनों में और जानकारी साझा की जाएगी।

एपी मनीषा अविनाश

अविनाश


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