ईरान ने पूरे क्षेत्र में हमले तेज किये, इजराइल ने ईरानी सुरक्षा बलों और नेतृत्व को निशाना बनाया

ईरान ने पूरे क्षेत्र में हमले तेज किये, इजराइल ने ईरानी सुरक्षा बलों और नेतृत्व को निशाना बनाया

ईरान ने पूरे क्षेत्र में हमले तेज किये, इजराइल ने ईरानी सुरक्षा बलों और नेतृत्व को निशाना बनाया
Modified Date: March 4, 2026 / 06:42 pm IST
Published Date: March 4, 2026 6:42 pm IST

दुबई, चार मार्च (एपी) अमेरिका और इजराइल ने ईरान के साथ युद्ध के पांचवें दिन बुधवार को तेहरान और अन्य शहरों पर कई हवाई हमले किए।

इजराइल ने ईरानी नेतृत्व और सुरक्षा बलों को निशाना बनाया, जिसके जवाब में ईरान ने इजराइल और पूरे क्षेत्र पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए।

तेहरान में तड़के से ही लोगों ने धमाकों की आवाज सुनी और ईरानी सरकारी टेलीविजन ने राजधानी के केंद्र में एक इमारत के खंडहर में तब्दील होने के दृश्य दिखाए।

इजराइल ने कोम और कई अन्य शहरों को भी निशाना बनाया। आसमान में लड़ाकू विमानों को गुजरते देख तेहरान में मौजूद लोग चिंतित हो गये।

कपड़ों की दुकान चलाने वाले एक व्यक्ति ने कहा कि उसे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करे।

उन्होंने कहा, “अगर मैं शहर छोड़ दूं, तो मैं पैसे कैसे कमाऊंगा और अपना गुजारा कैसे करूंगा?”

इजराइली सेना ने बताया कि बुधवार को उसके एक एफ-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान ने तेहरान के ऊपर ईरानी वायु सेना के ‘याक-130’ लड़ाकू विमान को मार गिराया।

सेना ने यह भी कहा कि देश भर में लक्ष्यों पर दागी गई ईरानी मिसाइलों को मार गिराने के लिए इजराइली हवाई रक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी गई थी और यरूशलम के आसपास विस्फोट की आवाज सुनी गई।

इस बीच, श्रीलंका के तट पर एक ईरानी नौसैनिक फ्रिगेट के संकट में होने की सूचना मिली, जिसके बाद वहां के अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए 32 लोगों को बचाया।

श्रीलंका के अधिकारियों ने बताया कि यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि जहाज के साथ क्या हुआ या उसपर कितने लोग सवार थे।

इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने चेतावनी दी कि ईरान द्वारा जिस किसी को देश का अगला सर्वोच्च नेता चुना जाएगा, उसका ‘‘खात्मा हमारा लक्ष्य’’ होगा।

काट्ज ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘इजराइल के खिलाफ योजना को आगे बढ़ाने, अमेरिका और अन्य देशों को धमकाने और ईरानी जनता की आवाज को दबाने के लिए ईरानी आतंकी शासन द्वारा जो भी नेता नियुक्त किया जाएगा, उसका खात्मा हमारा लक्ष्य होगा।’’

इजराइल के रक्षा मंत्री का यह बयान ईरान के साथ अमेरिका और इजराइल की जंग के पांचवें दिन में प्रवेश करने के बीच आया। बुधवार को तेहरान में धमाकों की आवाज सुनी गई।

ईरान के सरकारी टीवी ने बताया कि सुबह के समय तेहरान के आसपास विस्फोट हुए। वहीं, इजराइल ने कहा कि ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों के कारण उसे अपनी हवाई सुरक्षा प्रणाली को सक्रिय करना पड़ा। इसके अलावा, इजराइल की राजधानी यरूशलम के आसपास भी धमाकों की आवाज सुनाई दी।

इजराइली सेना ने बुधवार को कहा कि उसने ईरान की राजधानी में उसके सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर कई हमले किए।

इसने कहा कि उसने ईरान के ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ की स्वैच्छिक सेवा देने वाली सेना ‘बासिज’ से जुड़ी इमारतों को निशाना बनाया।

इजराइली सेना ने यह भी कहा कि उसने ईरान की आंतरिक सुरक्षा कमान से जुड़ी इमारतों को निशाना बनाया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि यह जंग कई हफ्तों या उससे भी अधिक समय तक जारी रह सकती है। इस युद्ध में अभी तक ईरान में लगभग 800 लोग मारे जा चुके हैं। इनमें कुछ ऐसे भी शामिल हैं जिन्हें ट्रंप ने देश के संभावित भविष्य के नेता माना था।

इजराइल ने कहा कि हिजबुल्ला के लड़ाकों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करते हुए उसने लेबनान में कई ठिकानों पर हमले किए। लेबनान के सरकारी मीडिया ने बताया कि बालबेक शहर में एक रिहायशी इमारत पर इज़राइल के हमले में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई।

लेबनान में रातभर किए गए हमलों में कई शहर और राजधानी के पास के एक होटल को भी निशाना बनाया गया।

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार सुबह बताया कि बेरूत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के ठीक दक्षिण में अरामून और सादियात शहरों में हुए इजराइली हमलों में कम से कम छह लोग मारे गए तथा आठ अन्य घायल हुए।

इजराइल ने बेरूत के उपनगर हजमी में एक होटल पर भी हमला किया। हालांकि वहां से फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं आई है।

इराक में ईरान समर्थित एक चरमपंथी समूह ने कहा कि उसने जॉर्डन की ओर ड्रोन दागे।

सराया अवलिया अल-दम ने कहा कि “एक महत्वपूर्ण लक्ष्य” को साधते हुए ड्रोन दागे गए।

बुधवार को जॉर्डन के सरकारी टीवी ने अपनी खबर में बताया कि पूरे देश में हवाई हमले के सायरन बजने लगे।

एक दिन पहले, इजराइल ने ईरान के मिसाइल दागने वाले ठिकानों और एक परमाणु संवर्द्धन केंद्र पर हवाई हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजराइल और अन्य स्थानों, अमेरिकी दूतावासों को निशाना बनाते हुए ऊर्जा आपूर्ति और यात्रा व्यवस्था को प्रभावित किया।

सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर ड्रोन हमले किए गए। ईरान ने इजराइल पर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइल दागी, हालांकि उनमें से ज्यादातर को हवा में ही निष्क्रिय कर दिया गया। संघर्ष शुरू होने के बाद से इज़राइल में 11 लोगों की मौत हो चुकी है।

अन्य घटनाक्रम में, अमेरिकी रक्षा विभाग ‘पेंटागन’ ने रविवार को कुवैत में एक कमान सेंटर पर हुए ड्रोन हमले में मारे गए अमेरिकी आर्मी रिजर्व के चार सैनिकों की पहचान जारी की।

ईरान में संभावित नेताओं के बारे में ट्रंप ने कहा, “जिन लोगों के बारे में हमने सोचा था, वे मारे जा चुके हैं।”

एपी जितेंद्र सुभाष

सुभाष


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