ईरान युद्ध के कारण वैश्विक खाद्य कीमतों में वृद्धि का खतरा : आईएमएफ, विश्व बैंक और डब्ल्यूएफपी

ईरान युद्ध के कारण वैश्विक खाद्य कीमतों में वृद्धि का खतरा : आईएमएफ, विश्व बैंक और डब्ल्यूएफपी

ईरान युद्ध के कारण वैश्विक खाद्य कीमतों में वृद्धि का खतरा : आईएमएफ, विश्व बैंक और डब्ल्यूएफपी
Modified Date: April 9, 2026 / 12:52 pm IST
Published Date: April 9, 2026 12:52 pm IST

(सागर कुलकर्णी)

वाशिंगटन, नौ अप्रैल (भाषा) अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ), विश्व बैंक और विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) ने कहा है कि पश्चिम एशिया में युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों में जो सबसे बड़ा व्यवधान पैदा किया है, उससे खाद्य कीमतों और खाद्य सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ेगा।

तीनों संस्थाओं के प्रमुखों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि बढ़ती खाद्य कीमतों का सबसे अधिक भार दुनिया की कमजोर आबादी पर पड़ेगा। उन्होंने कहा, “तेल, गैस और उर्वरक की कीमतों में तेज़ वृद्धि, साथ ही परिवहन बाधाओं के कारण, खाद्य कीमतों और खाद्य असुरक्षा में वृद्धि अवश्य होगी।”

संस्थाओं ने कहा कि वे इस स्थिति की गहन निगरानी करेंगे और संकट से प्रभावित लोगों का समर्थन करने के लिए उपलब्ध सभी संसाधनों का समन्वय करेंगे।

बयान में यह भी कहा गया कि विशेष रूप से कम आय वाले और आयात-निर्भर देशों में, ईंधन और खाद्य कीमतों में वृद्धि सरकारों की सीमित वित्तीय क्षमता के कारण कमजोर घरों पर सबसे अधिक प्रभाव डालेगी।

तीनों संस्थाओं ने आश्वासन दिया कि वे जीवन और आजीविका की रक्षा, और स्थिरता, विकास और रोजगार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दीर्घकालिक पुनर्प्राप्ति के लिए समर्थन जारी रखेंगी।

यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान दो सप्ताह का युद्धविराम समझौता किया है। अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था क्योंकि उसने अपने परमाणु ईंधन के भंडार छोड़ने से इनकार कर दिया था।

भाषा मनीषा वैभव

वैभव


लेखक के बारे में