ईरानी राष्ट्रपति क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वार्ता के लिए पाकिस्तान पहुंचे
ईरानी राष्ट्रपति क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वार्ता के लिए पाकिस्तान पहुंचे
(तस्वीर के साथ)
इस्लामाबाद, 23 जून (भाषा) ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान मंगलवार को एक दिवसीय दौरे पर इस्लामाबाद पहुंचे। इस दौरे में वह पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं के साथ आपसी हित के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करने के साथ ईरान-अमेरिका समझौते की सभी शर्तों को पूरी तरह लागू करने पर वार्ता करेंगे।
सरकारी टीवी चैनल पीटीवी के अनुसार, ईरानी नेता नूर खान एयरबेस पर उतरे, जहां राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
इसके अलावा, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची मस्कट से यहां पहुंचे। वे होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन पर ओमान के नेताओं के साथ उच्च-स्तरीय बातचीत करने के लिए संसद के अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकिर गालिबाफ के साथ मस्कट गए थे।
विदेश कार्यालय ने पहले कहा था कि राष्ट्रपति पेजेश्कियान, प्रधानमंत्री शरीफ के निमंत्रण पर ‘राजकीय यात्रा’ कर रहे हैं।
सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति पेजेश्कियान एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ विशेष विमान ‘मिनाब 168’ से इस्लामाबाद पहुंचे। यह विमान यात्रा देश पर हुए अमेरिकी हमलों के पीड़ितों, खासकर मिनाब स्कूल के उन 168 छात्रों को श्रद्धांजलि देने के लिए है जो इन हमलों में मारे गए थे।
अपनी यात्रा के दौरान, पेजेश्कियान राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात करेंगे। उप-प्रधानमंत्री इशाक डार, सीनेट के चेयरमैन और नेशनल असेंबली के स्पीकर भी उनसे मुलाकात करेंगे।
ईरान के राष्ट्रपति के तौर पर पाकिस्तान की यह उनकी दूसरी यात्रा है।
अपने देश से रवाना होने से पहले ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी यात्रा का ‘मकसद अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत हुए समझौते को पूरी तरह से लागू किया जाना सुनिश्चित करना है’। सरकारी प्रेस टीवी की खबर के अनुसार, उन्होंने कहा कि इस समझौते से पश्चिम एशिया में स्थिरता और सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
पेजेश्कियान ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में चेतावनी दी कि ‘बातचीत की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि सहमती प्राप्त दायित्वों के प्रति पूरी प्रतिबद्धता हो और उन्हें ठीक-ठीक लागू किया जाए।’ उन्होंने कहा, ‘‘इस राह में प्रगति को स्वीकार की गई जिम्मेदारियों के व्यावहारिक पालन से मापा जाएगा। समझौते के मसौदे से हटकर दिए गए बयान बातचीत को आगे बढ़ाने में मदद नहीं करते हैं।’’
उनका यह दौरा स्विट्ज़रलैंड में ईरान और अमेरिका के बीच हुई बातचीत के बाद हो रहा है, जिसमें दोनों पक्ष 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौता करने के लिए एक प्रारूप पर सहमत हुए थे।
स्विट्जरलैंड में रविवार और सोमवार को लेक ल्यूसर्न शिखर बैठक में में हुई उच्च-स्तरीय वार्ता उस इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के तहत हुई जिस पर बृहस्पतिवार को अमेरिका और ईरान ने क्षेत्रीय सुरक्षा और अन्य विवादित मुद्दों पर बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए हस्ताक्षर किए थे।
भाषा संतोष माधव
माधव

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