क्या माउथवॉश हृदय के लिए हानिकारक होता है? जानिए क्या कहते हैं अध्ययन
क्या माउथवॉश हृदय के लिए हानिकारक होता है? जानिए क्या कहते हैं अध्ययन
(जोआना ल’ह्यूरो, एक्सेटर विश्वविद्यालय)
एक्सेटर (ब्रिटेन), 19 अप्रैल (द कन्वरसेशन) सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो में दावा किया गया है कि माउथवॉश से उच्च रक्तचाप का खतरा बढ़ सकता है और हृदय की सेहत को नुकसान हो सकता है।
कुछ वीडियो के अनुसार, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि माउथवॉश मुंह के उन “अच्छे” बैक्टीरिया को खत्म कर देता है, जो हृदय और रक्त-प्रणाली के लिए जरूरी होते हैं। यह सुनने में चौंकाने वाला लग सकता है लेकिन आपको अभी अपना माउथवॉश फेंकने की जरूरत नहीं है। सच्चाई इससे कहीं ज्यादा जटिल है।
हमारे मुंह में कई तरह के बैक्टीरिया होते हैं। ये सभी मिलकर एक संतुलित और विविध प्रकार के ‘माइक्रोबायोम’ बनाते हैं, जो हानिकारक बैक्टीरिया की बढ़त को रोकते हैं, सामान्य ‘मेटाबॉलिज्म’ में मदद करते हैं और मुंह व शरीर की कुल सेहत को बेहतर बनाते हैं।
इन बैक्टीरिया का एक अहम काम है हमारे भोजन (खासकर हरी पत्तेदार सब्जियों) में मौजूद नाइट्रेट को नाइट्राइट में बदलना। जब हम नाइट्राइट निगलते हैं, तो शरीर इसे नाइट्रिक ऑक्साइड में बदल देता है।
यह प्रक्रिया नाइट्रेट-नाइट्राइट-नाइट्रिक ऑक्साइड प्रक्रिया (या एंटरोसैलिवरी प्रक्रिया) कहलाती है। यह एक उदाहरण है कि बैक्टीरिया कैसे शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
नाइट्रिक ऑक्साइड रक्तचाप को नियंत्रित करने और मस्तिष्क व मांसपेशियों के काम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
लेकिन कुछ ऑनलाइन इंफ्लुएंसर्स का कहना है कि माउथवॉश हृदय के लिए इसलिए खराब है क्योंकि यह उन “अच्छे” बैक्टीरिया को प्रभावित करता है जो नाइट्रिक ऑक्साइड बनाते हैं।
-माउथवॉश और हृदय की सेहत के बीच संबंध-
कई अध्ययनों में पाया गया है कि माउथवॉश इस्तेमाल करने से मुंह के बैक्टीरिया का संतुलन बदल सकता है। इससे सब्जियों के नाइट्रेट को नाइट्राइट में बदलने की क्षमता कम हो सकती है जो शरीर को नाइट्रिक ऑक्साइड बनाने के लिए चाहिए होता है।
19 स्वस्थ लोगों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि जिन्होंने सात दिन तक ‘क्लोरहेक्सिडीन माउथवॉश’ इस्तेमाल किया तो उनका रक्तचाप थोड़ा बढ़ गया और नाइट्राइट का स्तर कम हो गया।
एक अन्य अध्ययन में 27 स्वस्थ लोगों ने एक हफ्ते तक दिन में दो बार 0.12% क्लोरहेक्सिडीन माउथवॉश इस्तेमाल किया जिससे उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया।
एक और परीक्षण में 15 उच्च रक्तचाप वाले लोगों के शरीर में तीन दिन तक क्लोरहेक्सिडीन के उपयोग से ब्लड प्रेशर और बढ़ गया।
यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि इन अध्ययनों में किस तरह का माउथवॉश इस्तेमाल किया गया।
ज्यादातर अध्ययनों में क्लोरहेक्सिडीन दिया गया जो एक मजबूत एंटीसेप्टिक माउथवॉश है। इसे आमतौर पर मसूड़ों की बीमारी या दांतों के इलाज के बाद कम समय के लिए इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।
यह बैक्टीरिया को खत्म करता है – इसमें वे बैक्टीरिया भी शामिल हैं जो नाइट्रेट को नाइट्राइट में बदलते हैं। इसलिए रिसर्च में इसका इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हल्के रोजमर्रा के माउथवॉश का असर भी ऐसा ही होगा।
एक अध्ययन में 12 स्वस्थ लोगों पर तीन तरह के माउथवॉश और कुल्ला करने के पानी (तुलना के लिए) का असर देखा गया।
नाइट्रेट से भरपूर जूस पीने के बाद यह मापा गया कि कितना नाइट्रेट नाइट्राइट में बदला। पानी और हल्के माउथवॉश (जिसमें क्लोरहेक्सिडीन जैसे तेज तत्व नहीं थे) में सामान्य बदलाव देखा गया।
सबसे कठोर क्लोरहेक्सिडीन माउथवॉश ने इस प्रक्रिया को लगभग पूरी तरह बंद कर दिया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि इसमें कीटाणु मारने की शक्ति ज्यादा होती है। ऐसे माउथवॉश का इस्तेमाल करने पर ऊपरी ब्लड प्रेशर बढ़ता हुआ भी देखा गया।
कई माउथवॉश में अल्कोहल (एथेनॉल) भी होता है, लेकिन इसमें अन्य तत्व भी होते हैं, जिससे यह समझना मुश्किल होता है कि असर किसका हुआ है।
एंटीमाइक्रोबियल (कीटाणुनाशक) होने के कारण, अल्कोहल मुंह के बैक्टीरिया के संतुलन को प्रभावित कर सकता है। कुछ अध्ययनों में यह संकेत भी मिला कि अल्कोहल वाले माउथवॉश और मुंह के कैंसर के बीच एक संभावित संबंध हो सकता है।
हालांकि, अभी तक ऐसा कोई अध्ययन नहीं हैं, जिसमें खास तौर पर केवल मुंह के बैक्टीरिया या हृदय की सेहत पर एथेनॉल वाले माउथवॉश के प्रभाव की पड़ताल की गई हो।
कुल मिलाकर, उपलब्ध सबूत बताते हैं कि हल्का, बिना चिकित्सकीय परामर्श के दुकानों पर मिलने वाला माउथवॉश नाइट्रेट को नाइट्राइट में बदलने की प्रक्रिया में ज्यादा बाधा नहीं डालता और न ही रक्तचाप पर बड़ा असर डालता है।
354 लोगों पर लंबे समय तक किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि जो लोग ब्रश और फ्लॉस के जरिये रोज़ अच्छी तरह मुंह साफ करते थे, उनकी हृदय संबंधी मौत का खतरा कम रहा। माउथवॉश का नियमित उपयोग हृदय की सेहत के नतीजों पर कोई खास असर नहीं दिखाता।
यह बात हल्के माउथवॉश (जिनमें फ्लोराइड और अल्कोहल होता है) और मजबूत एंटीबैक्टीरियल माउथवॉश (जैसे क्लोरहेक्सिडीन और सिटाइलपायरिडिनियम क्लोराइड) दोनों पर लागू होती है।
– महत्वपूर्ण है माउथवॉश का प्रकार-
इन सभी अध्ययनों से पता चलता है कि कुछ प्रकार के माउथवॉश (जैसे क्लोरहेक्सिडीन) लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर अच्छे बैक्टीरिया कम हो सकते हैं और नाइट्रेट-नाइट्राइट-नाइट्रिक ऑक्साइड प्रक्रिया बिगड़ सकती है।
लेकिन रोजमर्रा इस्तेमाल के हल्के माउथवॉश और अल्कोहल वाले माउथवॉश के लंबे समय के असर को सही से समझने के लिए और शोध की जरूरत है।
माउथवॉश अलग-अलग प्रकार के होते हैं। इसलिए पैकेट के पीछे लिखे तत्वों को देखना जरूरी है। बिना अल्कोहल वाले और हल्के माउथवॉश मजबूत माउथवॉश की तुलना में हृदय के लिए फायदेमंद बैक्टीरिया पर कम असर डालते हैं।
हालांकि, ध्यान रखें कि बिना अल्कोहल वाले माउथवॉश में भी ‘सिटाइलपायरिडिनियम क्लोराइड’ जैसे एंटीबैक्टीरियल तत्व हो सकते हैं। इसलिए अपनी जरूरत के हिसाब से माउथवॉश चुनें और इसका सीमित उपयोग करें। क्लोरहेक्सिडीन वाले माउथवॉश का उपयोग मसूड़ों की बीमारी या मुंह के संक्रमण में ही करना बेहतर होता है।
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि मुंह की खराब सेहत और बिना इलाज के संक्रमण भी हृदय की बीमारी में योगदान दे सकते हैं। उदाहरण के लिए, 82 अध्ययनों की एक समीक्षा में पाया गया कि लंबे समय से जारी मुंह की बीमारी और दांतों का गिरना हृदय की समस्याओं के जोखिम से जुड़ा है।
इसीलिए मुंह के बैक्टीरिया का संतुलन बनाए रखना सिर्फ दांतों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर के लिए भी जरूरी है।
अपने मुंह और पूरे शरीर की सेहत का ध्यान रखें—नियमित रूप से ब्रश करें, फ्लॉस करें, दंत चिकित्सक के पास जाएं और अपने लिए सही माउथवॉश का चुनाव करें।
(द कन्वरसेशनन) जोहेब नरेश
नरेश

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