इजराइली, अमेरिकी विमानों के ईरान पर बमबारी के बीच युद्ध का दायरा बढ़ा, युद्ध में एक भारतीय की भी मौत

इजराइली, अमेरिकी विमानों के ईरान पर बमबारी के बीच युद्ध का दायरा बढ़ा, युद्ध में एक भारतीय की भी मौत

इजराइली, अमेरिकी विमानों के ईरान पर बमबारी के बीच युद्ध का दायरा बढ़ा, युद्ध में एक भारतीय की भी मौत
Modified Date: March 2, 2026 / 09:30 pm IST
Published Date: March 2, 2026 9:30 pm IST

दुबई, दो मार्च (एपी) ईरान और उसके सहयोगी सशस्त्र समूहों ने सोमवार को इस क्षेत्र में इजराइल, अरब देशों और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागीं, जबकि इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर बमबारी की जिसके साथ ही युद्ध अब कई मोर्चों पर फैल गया है। इस बीच कुवैत ने गलती से अपने आसमान में तीन अमेरिकी युद्धक विमानों को मार गिराया।

दोनों पक्षों के हमलों की तीव्रता, ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या और किसी स्पष्ट निकास योजना के अभाव से संकेत मिलता है कि संघर्ष जल्द समाप्त नहीं होने वाला। इसके दूरगामी परिणाम पूरे क्षेत्र और उससे परे भी देखने को मिल रहे हैं: दुबई जैसे पश्चिम एशिया के सुरक्षित ठिकाने भी अब हमलों की चपेट में आ गए हैं; दुनिया भर में लाखों हवाई यात्री फंसे हुए हैं; तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं; और अमेरिकी सहयोगियों ने ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को रोकने में मदद करने का वादा किया है।

ईरान ने लंबे समय से धमकी दी है कि अगर हमला हुआ तो इस क्षेत्र को वह पूर्ण युद्ध में घसीटेगा, जिसमें इजराइल, खाड़ी देशों और वैश्विक ऊर्जा बाजारों के लिए महत्वपूर्ण कच्चे तेल की आपूर्ति को निशाना बनाना शामिल है। सोमवार को इन सभी चीजों पर हमला हुआ।

‘कतर एनर्जी’ ने संघर्ष के कारण तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलपीजी) का उत्पादन बंद करने की घोषणा की है, जिससे दुनिया के शीर्ष आपूर्तिकर्ताओं में से एक बाजार से बाहर हो जाएगा। कंपनी ने उत्पादन बहाल करने के लिए कोई समयसीमा नहीं बताई है।

संघर्ष की अराजकता तब स्पष्ट हो गई जब अमेरिकी सेना ने कहा कि कुवैत ने एक युद्ध अभियान के दौरान तीन अमेरिकी एफ-15ई स्ट्राइक ईगल विमानों को “गलती से मार गिराया”, जबकि ईरानी विमानों, बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमले जारी थे।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि सभी छह पायलट सुरक्षित रूप से विमान से बाहर निकल गए और उनकी हालत स्थिर है।

ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार, अमेरिका-इजराइल अभियान में ईरान में अब तक कम से कम 555 लोग मारे जा चुके हैं और देश भर के 130 से अधिक शहर हमलों की चपेट में आ चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार, इजराइल में 11 लोग मारे गए हैं, जबकि लेबनान में 31 लोगों की जान गई है।

लेबनान सरकार ने कहा कि इजराइल के खिलाफ हिज्बुल्ला का रात भर का हमला “अवैध” था और उसने समूह से अपने हथियार सौंपने की मांग की। लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने कहा कि युद्ध या शांति का मार्ग चुनने का निर्णय केवल सरकार ही कर सकती है, और उन्होंने लेबनानी सेना से मिसाइल हमले रोकने और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करने का आह्वान किया।

कुवैत में अमेरिकी दूतावास परिसर के अंदर से आग और धुआं उठ रहा था।

सोमवार दोपहर को ईरान की राजधानी तेहरान पर कई हवाई हमले हुए, जबकि शीर्ष ईरानी सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने ‘एक्स’ पर संकल्प व्यक्त किया, “हम अमेरिका के साथ बातचीत नहीं करेंगे।”

इराक में, ईरान समर्थक मिलिशिया ने बगदाद हवाई अड्डे पर अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन हमले की जिम्मेदारी ली, इससे एक दिन पहले ही उसने उत्तर में इरबिल शहर में एक अमेरिकी अड्डे पर गोलीबारी करने की बात कही थी, और साइप्रस ने कहा कि एक ड्रोन हमले में भूमध्यसागरीय द्वीप राष्ट्र में एक ब्रिटिश अड्डे को निशाना बनाया गया था।

इजराइल और अमेरिका ने ईरानी मिसाइल ठिकानों पर बमबारी की और उसकी नौसेना को निशाना बनाया तथा दावा किया कि उन्होंने उसके मुख्यालय और कई युद्धपोतों को नष्ट कर दिया है।

ईरान ने क्षेत्रीय तेल अवसंरचनाओं को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। इस लड़ाई से विश्व बाजार में अफरातफरी है और तेल की कीमतें आसमान छू गईं।

सऊदी अरब के रास तनुरा तेल रिफाइनरी पर सोमवार को ड्रोन हमला हुआ, लेकिन रक्षा तंत्र ने हमलावर विमान को मार गिराया। एक सैन्य प्रवक्ता ने सरकारी सऊदी प्रेस एजेंसी को बताया।

घटनास्थल से मिले ऑनलाइन वीडियो में हमले के बाद घना काला धुआं उठता हुआ दिखाई दिया। पूर्वी सऊदी अरब में दम्माम शहर के पास स्थित रास तनुरा, दुनिया की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरियों में से एक है, जिसकी कच्चे तेल के प्रतिदिन पांच लाख बैरल से अधिक की रिफाइनरी की क्षमता है। सऊदी अरब के सरकारी टेलीविजन ने बताया कि हमले के बाद एहतियात के तौर पर इसे अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था।

ओमान ने सोमवार को कहा कि ओमान की राजधानी मस्कट के तट से दूर, ओमान की खाड़ी में मार्शल द्वीप समूह के ध्वज वाले एक तेल टैंकर पर ड्रोन ने बम धमाका किया, जिसमें एक नाविक की मौत हो गई। सरकारी समाचार एजेंसी ओमान न्यूज एजेंसी ने बताया कि मृत चालक दल का सदस्य भारत से था।

इससे पहले दिन में, कुवैत की सरकारी समाचार एजेंसी केयूएनए के अनुसार, ड्रोन को मार गिराए जाने के बाद कुवैत की अहमदी तेल रिफाइनरी पर मलबा गिर गया, जिससे दो कर्मचारी घायल हो गए।

ईरान द्वारा अपने हमलों को प्रमुख क्षेत्रीय तेल अवसंरचनाओं तक विस्तारित करने का निर्णय पश्चिम एशिया को जकड़े हुए युद्ध में एक नया आयाम जोड़ता है, जो सीधे तौर पर क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा को निशाना बनाता है।

ईरान ने फारस की खाड़ी के संकरे मुहाने, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को भी धमकी दी है, जिससे होकर तेल व्यापार का पांचवां हिस्सा गुजरता है। कई जहाजों पर हमले भी हुए हैं।

संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी में ईरान के दूत ने सोमवार को आरोप लगाया कि अमेरिकी-इजराइली हवाई हमलों में ईरान के नतान्ज परमाणु संवर्धन स्थल को निशाना बनाया गया है।

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) में ईरान के राजदूत रजा नजाफी ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ किए गए “गैरकानूनी, आपराधिक और क्रूर” हमलों की कड़ी निंदा की।

उन्होंने कहा, “कल उन्होंने फिर से ईरान की शांतिपूर्ण और सुरक्षित परमाणु सुविधाओं पर हमला किया। उनका यह तर्क कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करना चाहता है, सरासर झूठ है।”

जब उनसे पूछा गया कि वह किस परमाणु स्थल का जिक्र कर रहे हैं, तो नजाफी ने जवाब दिया: “नतान्ज़”।

इस स्थल पर हुए हमलों को इजराइल और अमेरिका दोनों ने ही स्वीकार नहीं किया है। जून में ईरान और इजराइल के बीच हुए 12-दिवसीय युद्ध के दौरान अमेरिका ने इस स्थल पर बमबारी की थी। इजराइली सेना ने भी नजाफी के आरोप पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की।

इजराइल ने ईरान में विशिष्ट लक्ष्यों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन उसने कहा है कि वह “नेतृत्व और परमाणु बुनियादी ढांचे” को निशाना बना रहा है।

लेबनानी चरमपंथी संगठन हिज्बुल्ला ने सोमवार को सीमा पार इजराइल की ओर मिसाइलें दागीं, जिसके बाद इजराइल की तरफ से पलटवार किया गया।

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि हिज्बुल्ला के इजराइल पर हमले के बाद लेबनान में इजराइली हवाई हमलों में कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई, जबकि 149 घायल हो गये।

अरब के खाड़ी देशों ने चेतावनी दी है कि वे ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं, क्योंकि ईरान ने महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले किए हैं, जिनमें कम से कम पांच नागरिक मारे गए हैं। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वादा किया है कि वाशिंगटन कुवैत में मारे गए तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत का “बदला” लेगा, साथ ही उन्होंने और अधिक हताहतों की आशंका जताई है।

ट्रंप ने कहा, ‘‘दुख की बात है कि इसके खत्म होने से पहले शायद और भी घटनाएं होंगी। यही सच्चाई है।’’

उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘लड़ाकू अभियान इस समय पूरी ताकत से जारी हैं, और ये तब तक जारी रहेंगे जब तक हमारे सभी लक्ष्य प्राप्त नहीं हो जाते। हमारे बड़े दृढ़ लक्ष्य हैं।”

अमेरिकी सेना ने कहा कि बी-2 स्टील्थ बमवर्षक विमानों ने 2,000 पाउंड के बमों से ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों पर हमला किया। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान के नौ युद्धपोत डूब गए हैं और ईरानी नौसेना का मुख्यालय “लगभग पूरी तरह से नष्ट” हो गया है।

अन्य देश इस युद्ध से काफी हद तक दूर रहे हैं और कूटनीति पर जोर देते रहे हैं, लेकिन इस बात का संकेत देते हुए कि यह संघर्ष अन्य देशों को भी अपनी चपेट में ले सकता है, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने रविवार को कहा कि वे ईरान के हमलों को रोकने में अमेरिका के साथ काम करने के लिए तैयार हैं।

साइप्रस ने सोमवार तड़के कहा कि दक्षिणी तट पर स्थित एक ब्रिटिश हवाई अड्डे से टकराने पर एक मानवरहित ड्रोन ने “सीमित क्षति” पहुंचाई। आगे की जानकारी तत्काल उपलब्ध नहीं थी, लेकिन यह घटना ब्रिटिश प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर के उस बयान के बाद सामने आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ब्रिटेन ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका की मदद करेगा।

एपी

प्रशांत सुरेश

सुरेश


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