जयशंकर ने बहरीन के विदेश मंत्री से मुलाकात की; द्विपक्षीय सहयोग और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर चर्चा की

जयशंकर ने बहरीन के विदेश मंत्री से मुलाकात की; द्विपक्षीय सहयोग और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर चर्चा की

जयशंकर ने बहरीन के विदेश मंत्री से मुलाकात की; द्विपक्षीय सहयोग और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर चर्चा की
Modified Date: July 6, 2026 / 08:19 pm IST
Published Date: July 6, 2026 8:19 pm IST

मनामा (बहरीन), छह जुलाई (भाषा) विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुल्लतीफ बिन राशिद अल जयानी से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने तथा क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर चर्चा की।

खाड़ी क्षेत्र में चार देशों की 5 से 10 जुलाई तक की यात्रा के दूसरे चरण में जयशंकर कतर से बहरीन पहुंचे। उनकी यात्रा के कार्यक्रम में कुवैत और ओमान भी शामिल हैं।

जयशंकर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज मनामा में बहरीन के विदेश मंत्री डॉ. अब्दुल्लतीफ बिन राशिद अल जयानी से मिलकर खुशी हुई। हमने द्विपक्षीय सहयोग को और प्रगाढ़ करने पर चर्चा की। साथ ही, क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।’’

अपनी इस यात्रा के दौरान, जयशंकर खाड़ी क्षेत्र के चार देशों के अपने समकक्षों और शीर्ष नेताओं से मिलेंगे, ताकि द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ किया जा सके और क्षेत्रीय घटनाक्रम तथा पारस्परिक हित के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया जा सके।

उनकी यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म करने संबंधी समझौते के बाद पश्चिम एशिया में तेजी से राजनीतिक हालात बदल रहे हैं।

युद्धविराम से पहले बहरीन पर ईरान द्वारा मिसाइल और ड्रोन हमले किये गए थे।

युद्धविराम कराने के लिए पाकिस्तान के साथ-साथ कतर और ओमान ने भी मध्यस्थता की है। ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार संबंधी हफ्ते भर की रस्मों के पूरा होने के बाद, दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता फिर से शुरू होने वाली है।

रविवार को कतर की अपनी यात्रा के दौरान, जयशंकर ने प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल-थानी से मुलाकात की तथा ऊर्जा, व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी और सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की।

खाड़ी क्षेत्र के चार देशों का दौरा करने के बाद, जयशंकर 13 जुलाई को न्यूयॉर्क जाएंगे, जहां वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 2028-29 के कार्यकाल के लिए भारत के आधिकारिक अभियान की शुरुआत करेंगे। इसके बाद, वह 14-15 जुलाई को ब्रसेल्स में तीसरी भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद की बैठक में शामिल होंगे।

भाषा सुभाष माधव

माधव


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