अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि की ओर से जारी मानचित्र में पूरे जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा दिखाया गया
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि की ओर से जारी मानचित्र में पूरे जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा दिखाया गया
(योषिता सिंह)
न्यूयॉर्क/वाशिंगटन, सात फरवरी (भाषा) भारत और अमेरिका द्वारा व्यापार पर द्विपक्षीय अंतरिम समझौते के ढांचे के विवरण की घोषणा के बाद, शुक्रवार को अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने भारत का एक मानचित्र जारी किया जिसने सबका ध्यान आकर्षित किया।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) द्वारा सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किये गए मानचित्र में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) सहित पूरे जम्मू-कश्मीर को भारतीय क्षेत्र के रूप में दिखाया गया है।
इसी प्रकार, चीन के कब्जे वाले अक्साई चिन क्षेत्र को भी भारतीय क्षेत्र के रूप में दिखाया गया है, जो अमेरिका द्वारा दिया गया एक महत्वपूर्ण संदेश है।
इससे पहले जारी भारत के मानचित्रों में पीओके और अक्साई चिन को दर्शाने के लिए एक सीमांकित रेखा दिखाई जाती थी। लेकिन यूएसटीआर द्वारा जारी किए गए भारत के मानचित्र में इन दोनों क्षेत्रों सहित पूरे जम्मू-कश्मीर को भारत के अभिन्न अंग के रूप में दिखाया गया है।
भारत का हमेशा से रुख रहा है कि पीओके और अक्साई चिन सहित पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा रहा है, है और हमेशा रहेगा।
चीन अपने ‘मानक मानचित्र’ में अरुणाचल प्रदेश, अक्साई चिन क्षेत्र, ताइवान और विवादित दक्षिण चीन सागर को अपने क्षेत्र के रूप में दर्शाता है।
भारत और अमेरिका ने शुक्रवार को घोषणा की कि वे द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के लिए एक रूपरेखा पर सहमत हो गए हैं, जिसके तहत दोनों पक्ष द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कई वस्तुओं पर आयात शुल्क कम करेंगे।
भाषा धीरज प्रशांत
प्रशांत

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