नेपाल : हिमलुंग हिमाल में हिमस्खलन के बाद लापता 12 लोगों की तलाश में जुटी 14 सदस्यीय टीम

नेपाल : हिमलुंग हिमाल में हिमस्खलन के बाद लापता 12 लोगों की तलाश में जुटी 14 सदस्यीय टीम

नेपाल : हिमलुंग हिमाल में हिमस्खलन के बाद लापता 12 लोगों की तलाश में जुटी 14 सदस्यीय टीम
Modified Date: September 28, 2026 / 12:00 pm IST
Published Date: September 28, 2026 12:00 pm IST

काठमांडू, 28 सितंबर (भाषा) नेपाल के मनांग जिले में हिमलुंग हिमाल पर हिमस्खलन के बाद लापता हुए 12 नेपाली कामगारों और गाइडों की तलाश के लिए 14 सदस्यीय बचाव दल को तैनात किया गया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

हिमलुंग हिमाल की 7,126 मीटर ऊंची चोटी के आधार शिविर में हिमस्खलन हुआ। नार फू क्षेत्र में हुए इस हिमस्खलन में एक तंबू बर्फ में दब गया, जिसमें नौ पर्वतारोही और 13 सहायक कर्मी शरण लिए हुए थे।

‘द काठमांडू पोस्ट’ की खबर के अनुसार, ‘इमेजिन नेपाल ट्रेक एंड एक्सपीडिशन’ के संचालक और अंतरराष्ट्रीय पर्वत गाइड मिंगमा जी. शेरपा के नेतृत्व में बचाव दल को लापता लोगों की तलाश के लिए भेजा गया है।

दल रविवार को काठमांडू से रवाना हुआ और चामे में रात बिताई। सोमवार सुबह उसे हेलीकॉप्टर से चामे से हिमलुंग आधार शिविर पहुंचाया गया, जिसके बाद तलाश अभियान शुरू हुआ।

प्रभु हेलीकॉप्टर के वरिष्ठ कैप्टन पासांग नोरबू शेरपा ने बताया कि उन्होंने सोमवार सुबह बचाव दल को आधार शिविर पहुंचाया।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने आज सुबह बचाव दल को हिमलुंग आधार शिविर पहुंचाया।’’ उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर से दल को आधार शिविर उतारे जाने के बाद तलाश अभियान शुरू किया गया।

ऊंचाई वाले इलाकों में काम करने का अनुभव रखने वाले गाइड संभावित स्थानों पर तलाश कर रहे हैं और स्थिति का आकलन कर रहे हैं। खराब मौसम और पर्वतीय क्षेत्र की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के कारण अभियान में मुश्किलें आ रही हैं।

इस बीच, हिमस्खलन में मारे गए दो लोगों के शव चामे अस्पताल से काठमांडू ले जाए जा रहे हैं। खबर के अनुसार, कैलाश हेलीकॉप्टर का एक हेलीकॉप्टर शवों को त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल ले जाएगा।

नेपाल में ऊंची चोटियों पर काम करने वाले हिमालयन हॉलीडेज तथा इमेजिन नेपाल ट्रेक एंड एक्सपीडिशन के दो दर्जन से अधिक कर्मचारी और गाइड करीब दो सप्ताह पहले काठमांडू से हिमलुंग पहुंचे थे। वे पर्वतारोहण के मौसम की तैयारी के लिए चढ़ाई मार्ग तैयार करने और आधार शिविर तैयार करने में जुटे थे।

नेपाल के पर्वतीय जिलों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश और बर्फबारी हो रही है, जिससे पर्वतारोहियों के लिए परिस्थितियां बेहद चुनौतीपूर्ण हो गई हैं।

नेपाली पर्वतारोहियों की मौत की ताजा घटना ऐसे समय घटी है जब नेपाल अगस्त में आई विनाशकारी आकस्मिक बाढ़ से उबर रहा है। बाढ़ में कई गांव बह गए थे और 1,400 से अधिक लोगों की मौत हुई थी, जबकि करीब 6,000 लोग अब भी लापता हैं।

भाषा

मनीषा वैभव

वैभव


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