नेपाल चुनाव: बालेंद्र शाह, नेपाली कांग्रेस के गगन थापा और पूर्व प्रधानमंत्री ओली के बीच मुकाबला

नेपाल चुनाव: बालेंद्र शाह, नेपाली कांग्रेस के गगन थापा और पूर्व प्रधानमंत्री ओली के बीच मुकाबला

नेपाल चुनाव: बालेंद्र शाह, नेपाली कांग्रेस के गगन थापा और पूर्व प्रधानमंत्री ओली के बीच मुकाबला
Modified Date: February 27, 2026 / 04:30 pm IST
Published Date: February 27, 2026 4:30 pm IST

काठमांडू, 27 फरवरी (एपी) नेपाल में पांच मार्च को होने वाले राष्ट्रव्यापी चुनावों में, प्रधानमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे तीन प्रमुख उम्मीदवारों में काठमांडू के पूर्व मेयर बालेंद्र शाह, नेपाली कांग्रेस के युवा नेता गगन थापा और पूर्व प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली शामिल हैं।

यह चुनाव पिछले साल हुए ‘जेन जेड’ के विरोध प्रदर्शन के कारण के. पी. शर्मा ओली के प्रधानमंत्री पद से अपदस्थ होने के बाद हो रहा है। चुनाव में विजयी होने वाला उम्मीदवार देश का 16वां प्रधानमंत्री बनेगा, जो 2008 में राजशाही की समाप्ति के बाद से जारी राजनीतिक अस्थिरता को रेखांकित करता है।

पिछले साल नेपाल में हुए विरोध प्रदर्शनों ने देश में भ्रष्टाचार और बेरोजगारी को लेकर युवाओं की हताशा को उजागर किया, जहां लगभग 20 प्रतिशत युवा बेरोजगार हैं। इस चुनाव के जरिये संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा के सदस्यों को भी चुना जाना है। बालेंद्र शाह, जिन्हें ‘बालेन’ नाम से जाना जाता है, चुनाव प्रचार के दौरान एक लोकप्रिय नेता के रूप में उभरने के बाद प्रधानमंत्री पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। वह 2022 में राजधानी काठमांडू के महापौर चुने गए थे। बाद में, उन्होंने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (एनआईपी) की ओर से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनने के लिए महापौर का पद छोड़ दिया था।

शाह (35) ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और बाद में अपने गीतों के जरिये लोगों के दिलों में जगह बनाई। उन्होंने संगीत का उपयोग सामाजिक और राजनीतिक मुद्दे उठाने के लिए किया।

शाह ने काठमांडू के मेयर का चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीता, जिसमें उन्होंने पारंपरिक राजनीतिक दलों के प्रति जनता के बढ़ते आक्रोश का फायदा उठाया। अवैध रेहड़ी-पटरी वालों को हटाने, शहर की गंभीर कचरा समस्या से निपटने और सड़कों के चौड़ीकरण को बढ़ावा देने के लिए उनकी प्रशंसा हुई, लेकिन साथ ही कोई ठोस योजना या पूर्व सूचना के बिना मकानों को ध्वस्त करने का आदेश देने के लिए उनकी आलोचना भी हुई।

उन्होंने पिछले सप्ताह पश्चिमी नेपाल में अपने समर्थकों से कहा, “हमारा एजेंडा यह है कि जिन गरीबों के पास पैसे नहीं हैं, उन्हें पूरी शिक्षा मिले। जिनके पास पैसे नहीं हैं, उन्हें स्वास्थ्य सुविधाएं मिले। यही हमारा एजेंडा है।’’

प्रधानमंत्री पद के एक अन्य दावेदार गगन थापा हैं, जो नेपाली कांग्रेस के युवा नेता हैं। नेपाली कांग्रेस देश की सबसे पुरानी प्रमुख राजनीतिक पार्टी है, जिसके भारत से घनिष्ठ संबंध हैं।

नेपाली कांग्रेस में लंबे समय से लोकप्रिय चेहरा रहे थापा (49) को इस साल की शुरुआत तक पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा आगे नहीं बढ़ाया गया था। लेकिन पार्टी में बगावत करने और इसके प्रमुख चुने जाने के बाद प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी के लिए उनकी राह तैयार हो गई।

नेपाली कांग्रेस एक लोकप्रिय पार्टी बनी हुई है, लेकिन वह पिछली गठबंधन सरकार का हिस्सा थी जिसे सितंबर में ‘जेन जेड’ के विद्रोह के कारण सत्ता से बाहर होना पड़ा था।

थापा का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता पांच साल के भीतर नेपाल को भ्रष्टाचार से मुक्त करना और सरकार को पूरी तरह से जनता के प्रति जवाबदेह बनाना होगा।

प्रधानमंत्री पद के लिए तीसरे प्रमुख दावेदार के.पी. शर्मा ओली हैं, जो विवादास्पद लेकिन प्रमुख कम्युनिस्ट नेता हैं। पिछले साल हुए ‘जेन जेड’ के विद्रोह के कारण उन्हें प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

‘जेन जेड’ उन लोगों को कहा जाता है जिनका जन्म 1997 और 2012 के बीच हुआ है।

एपी सुभाष माधव

माधव


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