नेपाल : अतिक्रमणकारियों को शुक्रवार से पहले सरकारी जमीन खाली करने का आदेश

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नेपाल : अतिक्रमणकारियों को शुक्रवार से पहले सरकारी जमीन खाली करने का आदेश

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  • Publish Date - April 30, 2026 / 07:13 PM IST,
    Updated On - April 30, 2026 / 07:13 PM IST

(शिरीष बी प्रधान)

काठमांडू, 30 अप्रैल (भाषा) नेपाल के अधिकारियों ने काठमांडू में नदी के किनारे और सरकारी जमीन पर अनधिकृत कब्जा करने वालों को शुक्रवार से पहले अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया है। वहीं, अतिक्रमणकारियों ने प्रस्तावित ध्वस्तीकरण अभियान के खिलाफ तीन सप्ताह के विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है।

काठमांडू जिला प्रशासन कार्यालय ने सौंदर्यीकरण और पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बुधवार को इस संबंध में एक नोटिस जारी किया।

नोटिस में कहा गया है कि अधिकारी सरकारी जमीन या नदी के किनारों पर निर्मित अनधिकृत ढांचों को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुक्रवार सुबह सात बजे से शुरू करेंगे।

पिछले सप्ताह नेपाल की संघीय सरकार ने काठमांडू महानगरपालिका के समन्वय से, बागमती नदी के किनारे थापाथली, गैरीगाउन, सिनामंगल और मनोहरा क्षेत्रों में अतिक्रमणकारियों द्वारा निर्मित अस्थायी और स्थायी दोनों प्रकार की संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया था।

हजारों सुरक्षाकर्मियों के साथ चलाए गए ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान अतिक्रमण कर बनाए गए 1500 से अधिक ढांचों को ध्वस्त कर दिया गया।

सरकार ने करीब 900 परिवारों को फिलहाल दशरथ स्टेडियम, कीर्तिपुर और बालाजू क्षेत्र के विभिन्न लॉज सहित अलग-अलग अस्थायी केंद्रों में रखा गया है।

काठमांडू महानगरपालिका के अधिकारियों के अनुसार, भूमिहीन लोगों की जांच-पड़ताल के बाद, पात्र लोगों को वैकल्पिक पुनर्वास सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

इस बीच, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी से संबद्ध अखिल नेपाल भूमिहीन झुग्गीवासी संघ ने सरकार द्वारा अवैध ढांचों को ध्वस्त करने के अभियान का विरोध करने के लिए दो चरणों में राष्ट्रव्यापी विरोध कार्यक्रमों की घोषणा की है।

संघ के मुताबिक विरोध प्रदर्शन के तहत सार्वजनिक सभाएं, रैलियां आयोजित की जाएंगी। तीन मई से प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के इस्तीफे की मांग के समर्थन में एक हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा और 21 मई से राष्ट्रव्यापी अनिश्चितकालीन आम हड़ताल का आह्वान किया जाएगा।

भाषा धीरज शोभना

शोभना