नेपाल त्रासदी: दस दिन बाद मलबे से जिंदा निकाली गई महिला
नेपाल त्रासदी: दस दिन बाद मलबे से जिंदा निकाली गई महिला
नुवाकोट (नेपाल), छह सितंबर (भाषा) नेपाल में 26 अगस्त को अचानक बाढ़ आने के करीब 10 दिन बाद शनिवार को मलबे से 60 साल की एक महिला को जिंदा निकाले जाने से अन्य लापता लोगों के भी जीवित होने के संबंध में नयी उम्मीद जगी है।
‘कांतिपुर ऑनलाइन’ समाचार पोर्टल की खबर के मुताबिक, बचाव अभियान की अभूतपूर्व परिस्थितियों को बयां करते हुए सशस्त्र नेपाल पुलिस (एपीएफ) के निरीक्षक सुमन बिक ने कहा, ‘‘हमने पहले भी इसी जगह पर तलाशी और बचाव अभियान चलाया था, लेकिन हमें कोई आवाज सुनाई नहीं दी थी।’’
नेपाल की भोटेकोशी नदी घाटी में 26 अगस्त को अचानक आई बाढ़ में 1,300 से अधिक लोगों की मौत हो गई और लगभग 5,000 से अधिक लापता हैं।
नुवाकोट जिले की बिदुर नगरपालिका के बेत्रावती की रहने वाली चंडिका श्रेष्ठ मलबे में दबे चार मंजिला मकान की सबसे ऊपरी मंजिल पर मिलीं।
श्रेष्ठ को बचाए जाने से यह उम्मीद फिर से जगी है कि 26 अगस्त की आपदा के बाद लापता हुए अन्य लोग भी शायद जिंदा हों, जबकि बचाव टीम मलबे और कीचड़ में दबे घरों और बड़े इलाकों में लगातार तलाश अभियान चला रही हैं।
‘कांतिपुर ऑनलाइन’ की खबर के मुताबिक, बाढ़ आने पर श्रेष्ठ अपने परिवार के सदस्यों के साथ लापता हो गई थीं। कई दिनों तक उनके न मिलने पर, परिवार के सदस्यों ने उन्हें मृत मानकर अंतिम संस्कार की रस्में शुरू कर दी थीं।
लेकिन बिक के अनुसार, शनिवार को जब एपीएफ की एक टीम दोबारा बेत्रावती इलाके से गुजर रही थी, तो उन्हें मलबे में दबे घर के पास एक हल्की सी आवाज सुनाई दी। टीम ने उस जगह की पहले भी तलाशी ली थी, लेकिन उस समय उन्हें कुछ भी सुनाई नहीं दिया था।
बिक ने बताया कि बचाव दल ने ढांचे के आस-पास से कीचड़ हटाया और अंदर जाने के लिए खिड़की तोड़ी। उन्होंने कहा कि जैसे ही टीम रेंगकर अंदर दाखिल हुई, श्रेष्ठ की आवाज स्पष्ट रूप से सुनाई दी।
बिक ने समाचार पोर्टल को बताया कि श्रेष्ठ का शरीर लगभग आधा कीचड़ में दबा हुआ मिला था, और उनके शरीर का केवल कुछ हिस्सा और सिर ही दिखाई दे रहा था। उन्होंने कहा कि बचाव कार्य में लगभग 40 से 45 मिनट लगे।
‘कांतिपुर ऑनलाइन’ के मुताबिक, श्रेष्ठ को नेपाली सेना के हेलीकॉप्टर से इलाज के लिए काठमांडू ले जाया गया है। उनका इलाज छावनी स्थित बीरेंद्र सैन्य अस्पताल में किया जा रहा है।
‘द काठमांडू पोस्ट’ ने बचाव अधिकारियों के हवाले से खबर दी कि बाढ़ से मकान अपने मूल स्थान से हट गया था और उसका अधिकतर हिस्सा मलबे में दब गया था।
अखबार ने खबर दी कि साढ़े तीन मंजिलें पूरी तरह और चौथी मंजिल का आधा हिस्सा मलबे में दबा था।
‘कांतिपुर ऑनलाइन’ की खबर के मुताबिक, श्रेष्ठ के पति आनंदलाल श्रेष्ठ अब भी लापता हैं, जबकि परिवार के अन्य सदस्यों का भी कोई पता नहीं चल पाया है।
भाषा धीरज दिलीप
दिलीप

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