(शिरीष बी प्रधान)
काठमांडू, 14 जनवरी (भाषा) नेपाली कांग्रेस पार्टी बुधवार को औपचारिक रूप से विभाजित हो गई क्योंकि इसके महासचिवों गगन थापा और विश्व प्रकाश शर्मा के नेतृत्व वाले दो गुटों और पार्टी अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा के बीच बातचीत किसी समझौते पर पहुंचने में विफल रही।
थापा (49) को विशेष सम्मेलन में नेपाली कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष के रूप में सर्वसम्मति से चुना गया।
देश की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी पार्टी अंततः उस समय टूट गई जब थापा और शर्मा द्वारा देउबा से पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की मांग को खारिज कर दिया गया।
दोनों महासचिवों ने देउबा से शीर्ष पद से इस्तीफा देने और आगामी संसदीय चुनाव न लड़ने का आग्रह किया था, ताकि वे सितंबर के आंदोलन के दौरान अपनी जान गंवाने वाले ‘जेन जेड’ के युवाओं की भावनाओं का सम्मान करने के लिए एक संरक्षक की भूमिका निभा सकें।
‘जेन जेड’ उस पीढ़ी को कहा जाता है जो 1997 से 2012 के बीच पैदा हुई है। यह वह युवा वर्ग है जो तकनीक, इंटरनेट और सोशल मीडिया के साथ बड़ा हुआ है।
थापा ने बुधवार को पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक में कहा, ‘‘
हमें उस पार्टी का चेहरा बदलने की जरूरत है जो के पी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार का हिस्सा थी और जिसने भ्रष्टाचार और राजनीतिक अव्यवस्था के खिलाफ युवाओं के आंदोलन को दबा दिया था, ताकि हमारे सहयोगी चुनाव अभियान के दौरान सीधे जनता के पास जा सकें।’’
दोनों गुटों के बीच का संघर्ष उस समय चरम पर पहुंच गया था जब असंतुष्ट गुट ने 11 और 12 जनवरी को काठमांडू के भृकुटीमंडप में विशेष सम्मेलन आयोजित किया था।
बातचीत के विफल होने के बाद, देउबा गुट ने बुधवार को एक नोटिस जारी कर सूचित किया कि पार्टी की केंद्रीय समिति ने महासचिव थापा और शर्मा तथा संयुक्त महासचिव फार्मुल्लाह मंसूर को एकतरफा रूप से पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
शर्मा ने हालांकि घोषणा की कि पार्टी के सम्मेलन में देउबा गुट द्वारा उन्हें पार्टी से निष्कासित करने की कार्रवाई को खारिज कर दिया गया है।
बुधवार को सम्मेलन को संबोधित करते हुए थापा ने कहा कि ‘‘असली पार्टी’’ वह है जो विशेष सम्मेलन में शामिल हो रही है, क्योंकि उसे सम्मेलन के 60 प्रतिशत से अधिक सदस्यों का समर्थन प्राप्त है।
थापा ने यह भी घोषणा की कि देउबा की अध्यक्षता वाली केंद्रीय समिति को भंग कर दिया गया है।
नेपाली कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि विशेष सम्मेलन में थापा को सर्वसम्मति से पार्टी का अध्यक्ष चुना गया, क्योंकि वह शीर्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने वाले एकमात्र व्यक्ति थे।
उन्होंने कहा कि अन्य पदों को जहां तक संभव हो सर्वसम्मति से भरा जायेगा और यदि ऐसा नहीं हो पाता है तो बुधवार रात तक चुनाव कराये जायेंगे।
ऐसी जानकारी है कि नेपाली कांग्रेस के दोनों गुट आधिकारिक मान्यता प्राप्त करने के लिए एक ही दिन चुनाव आयोग पहुंचे हैं।
पिछले सप्ताह, पार्टी अध्यक्ष देउबा के नेतृत्व वाले गुट और दोनों महासचिवों के बीच विशेष सम्मेलन को लेकर विवाद खड़ा हो गया था।
देउबा का गुट पांच मार्च को हुए आम चुनाव के बाद मई में 15वें सम्मेलन के आयोजन के लिए दबाव बना रहा था जबकि थापा और शर्मा चुनाव से पहले सम्मेलन के लिए दबाव बना रहे थे।
भाषा देवेंद्र पवनेश
पवनेश