इंदिरा गांधी के हत्यारे के रिश्तेदार की पहचान न्यूजीलैंड में जाहिर की करने की अनुमति मिली: खबर

इंदिरा गांधी के हत्यारे के रिश्तेदार की पहचान न्यूजीलैंड में जाहिर की करने की अनुमति मिली: खबर

इंदिरा गांधी के हत्यारे के रिश्तेदार की पहचान न्यूजीलैंड में जाहिर की करने की अनुमति मिली: खबर
Modified Date: March 30, 2026 / 03:44 pm IST
Published Date: March 30, 2026 3:44 pm IST

वेलिंगटन, 30 मार्च (भाषा) इंदिरा गांधी के हत्यारों में से एक के भतीजे की पहचान न्यूजीलैंड की अदालत में पहचान गुप्त रखने का मुकदमा हारने के बाद जाहिर कर दी गई है। उसे मादक पदार्थ से जुड़े एक मामले में दोषी करार दिया गया था। स्थानीय मीडिया ने यह खबर दी है।

न्यूजीलैंड के वेब पोर्टल ‘स्टफ’ ने शनिवार को खबर दी कि बलतेज सिंह को 700 किलोग्राम से अधिक मेथमफेटामाइन आयात करने के आरोप में 22 साल कारावास की सजा सुनाई गई है। यह न्यूजीलैंड के अधिकारियों द्वारा जब्त की गई अब तक की सबसे बड़ी मात्रा है। वह स्थायी रूप से अपना नाम गुप्त रखने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहा था।

इससे पहले, 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या करने वाले उनके अंगरक्षकों में से एक सतवंत सिंह के भतीजे बलतेज सिंह के नाम को स्थायी रूप से सार्वजनिक नहीं करने का आदेश यहां के उच्च न्यायालय ने दिया था। अदालत ने यह आदेश बलतेज की इस दलील को स्वीकार करते हुए सुनाया था कि यदि उसकी पहचान उजागर हो जाती है तो उसे और उसके परिवार को अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ेगा।

खबर के मुताबिक न्यूजीलैंड के अधिकारियों ने इस फैसले के खिलाफ अपील की, और पिछले साल नवंबर में अपील न्यायालय ने फैसला सुनाया कि सिंह का नाम उजागर किया जा सकता है।

खबर के मुताबिक ऑकलैंड के पूर्व व्यवसायी बलतेज ने इस मामले को लेकर उच्चतम न्यायालय का रुख किया था, लेकिन अब उसने वह अपील वापस ले ली, जिससे न्यूजीलैंड मीडिया के लिए उनकी पहचान उजागर करने का रास्ता साफ हो गया।

‘स्टफ’ ने कहा कि उसने भी बलतेज की पहचान को उजागर नहीं करने के प्रयास का विरोध किया।

इससे पहले अभियोजन पक्ष ने अदालत में दलील दी कि भारतीय मीडिया पहले ही बलतेज सिंह की पहचान उजागर कर चुकी है।

खबर के मुताबिक अदालत में जमा हलफनामे में बलतेज सिंह के पिता ने दलील दी कि उनका परिवार दुनिया भर में सिखों और हिंदुओं के बीच ‘बदनाम’ हो गया है और लगातार हिंसा, धमकियों का सामना करता रहा है।

भाषा धीरज नरेश

नरेश


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