वित्त वर्ष 27 में एच-1बी पंजीकरण की संख्या में कमी आई, उच्च डिग्री वाले और आवेदनों को मंजूरी

वित्त वर्ष 27 में एच-1बी पंजीकरण की संख्या में कमी आई, उच्च डिग्री वाले और आवेदनों को मंजूरी

वित्त वर्ष 27 में एच-1बी पंजीकरण की संख्या में कमी आई, उच्च डिग्री वाले और आवेदनों को मंजूरी
Modified Date: May 22, 2026 / 07:43 pm IST
Published Date: May 22, 2026 7:43 pm IST

(सागर कुलकर्णी)

वाशिंगटन, 22 मई (भाषा) वित्त वर्ष 2027 में एच-1बी वीजा के लिए पंजीकरण में 38.5 प्रतिशत की गिरावट आई है। अमेरिका का कहना है कि उसने उन और अधिक आवेदकों को मंजूरी दी है जिनके पास ‘एडवांस्ड डिग्रियां’ हैं और जो ‘अर्थव्यवस्था पर वास्तविक असर डालने’ वाली उच्च वेतन वाली नौकरियों में कार्यरत हैं।

अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) के इस फैसले का सबसे ज्यादा असर भारतीयों पर पड़ने की संभावना है, जो हाल के सालों में मंजूर हुए सभी एच-1बी आवेदन करने वालों में लगभग 71 प्रतिशत थे।

यूएससीआईएस ने बृहस्पतिवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि चुने गए सभी पंजीकरण में से सिर्फ 17.7 प्रतिशत ही सबसे कम वेतन वाली श्रेणी में थे।

उसने कहा, ‘‘सही तरीके से किए गए पंजीकरण की संख्या में 38.5 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। वित्त वर्ष 2026 में यह 3,43,981 थी, जो वित्त वर्ष 2027 में घटकर सिर्फ 2,11,600 रह गई।’’

यूएससीआईएस ने बताया कि स्वीकृत किए गए लगभग तीन-चौथाई आवेदन उन लोगों के थे जिनके पास मास्टर डिग्री या उससे उच्च डिग्री थीं।

उसने कहा, ‘‘हम एडवांस्ड डिग्री और अधिक वेतन वाले और भी आवेदकों को मंजूरी दे रहे हैं – खासकर उन्हें जिन्होंने अमेरिका के विश्वविद्यालयों में पढ़ाई की। चुने गए विदेशी नागरिकों में से 71.5 प्रतिशत के पास अमेरिका की मास्टर डिग्री या उससे ऊपर की डिग्री है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 57 प्रतिशत था।’’

उसने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘अमेरिका को प्रथम’ रखने की नीतियां अब रंग ला रही हैं। उसने कहा, ‘‘ये सभी बदलाव अच्छे हैं, इस मायने में कि ये कम बुरे हैं — लेकिन असली हल तो एच-1बी कार्यक्रम को पूरी तरह से खत्म करना ही है (ओपीटी और अन्य के साथ)।’’

भाषा वैभव पवनेश

पवनेश


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