ओपन सोसाइटी फाउंडेशंस अमेरिका में लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिये 30 करोड़ डालर देगा
ओपन सोसाइटी फाउंडेशंस अमेरिका में लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिये 30 करोड़ डालर देगा
न्यूयॉर्क, 20 मई (एपी) अमेरिकी सरकार के निशाने पर आने के बाद जॉर्ज सोरोस की ओपन सोसाइटी फाउंडेशंस ने बुधवार को घोषणा की कि वह अगले पांच वर्षों में अमेरिका में उन पहलों के लिए 30 करोड़ डॉलर की राशि देगी, जिनका उद्देश्य लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करना और आर्थिक सुरक्षा को बढ़ावा देना है।
यह नयी रणनीति ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने सोरोस परिवार को निशाने पर लेते हुए उन पर हिंसा को समर्थन देने और समाज में विभाजन पैदा करने के आरोप लगाए हैं।
ये आरोप 2025 में ट्रंप और उनके सहयोगियों द्वारा शुरू किए गए उस व्यापक अभियान का हिस्सा हैं जिसका उद्देश्य कार्यकारी आदेशों, वित्तीय सहायता रोकने और जांच की धमकी के जरिए गैर-लाभकारी संगठनों और चैरिटेबल फंडर्स पर प्रभाव डालना बताया जा रहा है।
ओपन सोसाइटी फाउंडेशंस (ओएसएफ) के अमेरिका प्रमुख लालेह इस्पहानी ने सोरोस परिवार पर सरकार के आरोपों के संबंध में पूछे जाने पर कहा, “हम अपना काम बिना किसी बाधा के जारी रख रहे हैं। हमें चुप कराने के लिए डराया नहीं जाएगा।”
राष्ट्रपति के सहयोगियों ने कांग्रेस में आंतरिक राजस्व सेवा (आईआरएस) और न्याय विभाग से उन गैर-लाभकारी संगठनों की जांच करने की मांग भी की है, जिन पर वे घरेलू आतंकवाद, अवैध आव्रजन या उनके विचारों से असहमत जलवायु कार्यक्रमों का समर्थन करने का आरोप लगाते हैं।
दिसंबर में, तत्कालीन अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों को उन गैर-लाभकारी संगठनों की जांच करने का निर्देश दिया था जो ‘एंटिफा’ का समर्थन करते हैं।
एंटिफा एक ऐसा शब्द है, जिसका उपयोग वामपंथी विचारधारा वाले समूहों के लिए किया जाता है, जिन्हें ट्रंप ने घरेलू आतंकवादी संगठन के रूप में नामित किया है।
जब न्याय विभाग से पूछा गया कि क्या वह ओपन सोसाइटी की जांच कर रहा है, तो विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि किसी भी जारी जांच के बारे में वह टिप्पणी नहीं करते।
पिछले एक वर्ष में, इस्पहानी ने बताया कि ओएसएफ ने उन संगठनों को अनुदान दिया है जो कानून के शासन की रक्षा करने और ऐसी नीतियों का विरोध करने के लिए काम कर रहे हैं, जिनका उद्देश्य अमेरिकी आबादी के कुछ वर्गों को सार्वजनिक जीवन में भाग लेने से रोकना है।
फाउंडेशंस की नई रणनीति का उद्देश्य लोगों की आर्थिक भलाई में सुधार करना और नागरिक अधिकारों की सुरक्षा को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि इन दोनों को अक्सर अलग-अलग मुद्दों के रूप में देखा जाता है जबकि वास्तव में ये एक ही संघर्ष के दो पहलू हैं।
इस्पहानी ने कहा कि ओएसएफ राज्य स्तर की उन नीतियों की तलाश करेगा जो कमजोर वर्गों के लिए सुरक्षा को मजबूत करती हैं और जिन्हें अन्य राज्यों में भी अपनाया जा सकता है। साथ ही उन नीतियों पर भी ध्यान देगा जो श्रमिक वर्ग के लिए एक निष्पक्ष अर्थव्यवस्था बनाने में मदद करें।
उन्होंने कहा, “आप नस्लीय संपत्ति अंतर को तब तक दूर नहीं कर सकते जब तक आप बुनियादी, श्रमिक वर्ग से जुड़े आर्थिक मुद्दों जैसे पर्याप्त जीवन-यापन योग्य मजदूरी, सस्ती बाल देखभाल और आवास पर ध्यान नहीं देते।”
एपी रंजन नरेश
नरेश

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