पाकिस्तान को लश्कर और जैश जैसे आतंकवादी समूहों पर नकेल कसनी चाहिए: अमेरिकी सांसद

पाकिस्तान को लश्कर और जैश जैसे आतंकवादी समूहों पर नकेल कसनी चाहिए: अमेरिकी सांसद

पाकिस्तान को लश्कर और जैश जैसे आतंकवादी समूहों पर नकेल कसनी चाहिए: अमेरिकी सांसद
Modified Date: April 23, 2026 / 11:21 am IST
Published Date: April 23, 2026 11:21 am IST

(सागर कुलकर्णी)

वाशिंगटन, 23 अप्रैल (भाषा) अमेरिकी सांसद ब्रैड शेरमैन ने पाकिस्तान से लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी समूहों पर नकेल कसने की मांग की है।

इस आतंकवादी संगठन का संबंध 2025 के पहलगाम आतंकी हमले से बताया जाता है।

भारतीय दूतावास ने ‘आतंकवाद की मानवीय कीमत’ शीर्षक वाली एक प्रदर्शनी आयोजित की है जिसमें शेरमैन ने बुधवार को यह बात कही।

उन्होंने पहलगाम हमले की पहली बरसी पर उन 26 निर्दोष लोगों को याद किया जिन्हें आतंकवादियों ने मौत के घाट उतार दिया था।

शेरमैन ने बुधवार को कहा, ‘‘ द रेजिस्टेंस फोर्स के हमलावरों ने निर्दोष लोगों को निशाना बनाया और कथित तौर पर पीड़ितों को धर्म के आधार पर अलग किया। इस समूह को व्यापक रूप से लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ माना जाता है, जिसे पाकिस्तान में पनाह मिली हुई है।’’

डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता ने कहा, ‘‘ हमें इस अवसर का उपयोग पाकिस्तानी सरकार से लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और अन्य आतंकवादी समूहों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करने के लिए करना चाहिए।’’

कैपिटल हिल (संसद भवन परिसर) में यह प्रदर्शनी ऐसे समय में आयोजित हो रही है जब पाकिस्तान सात सप्ताह से जारी अमेरिका-ईरान युद्ध को समाप्त कराने के प्रयासों में मध्यस्थता करके खुद को शांतिदूत के रूप में पेश कर रहा है।

प्रदर्शनी में डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन दोनों दलों के सांसदों ने शिरकत की।

इस डिजिटल प्रदर्शनी में विश्व भर में हुए प्रमुख आतंकवादी हमलों को भी प्रदर्शित किया गया है, जिनमें 1993 के मुंबई बम विस्फोट, 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले और पहलगाम हमला शामिल हैं। इसमें हमलों के लिए जिम्मेदार आतंकवादी संगठनों की पहचान भी बताई गई है, जिनमें पाकिस्तान के कई व्यक्ति और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी संगठन शामिल हैं।

अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ यह विशेष प्रदर्शनी हमें कुछ बातों की याद दिलाती है। पहली बात, आतंकवाद का कहर मानवता को तबाह करने पर तुला हुआ है। दुनिया भर के देशों को एकजुट होकर आतंकवाद को हराने के लिए दृढ़ संकल्पित होना होगा।’’

क्वात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आतंकवाद से निपटने और उसे हराने के लिए भारत के अटूट संकल्प को स्पष्ट रूप से व्यक्त किया है।

प्रदर्शनी में भाग लेने वाले सांसदों में माइकल बॉमगार्टनर, बिल हुइज़ेंगा, लीसा मैक्लेन (सभी रिपब्लिकन) और जूली जॉनसन, अप्रैल डेलाने, रो खन्ना, राजा कृष्णमूर्ति, जेमी रास्किन, श्री थानेदार और जोनाथन जैक्सन (सभी डेमोक्रेट) शामिल थे।

‘हाउस रिपब्लिकन कॉन्फ्रेंस’ की अध्यक्ष मैक्लेन ने कहा ‘‘ हम इस खतरे से संयुक्त रूप से निपटने के लिए खुफिया जानकारी, विचार, नीतियां और सूचना साझा कर सकते हैं। जब आप अलग-अलग काम करते हैं, तो समन्वय करना और प्रभावी ढंग से कदम उठाना कठिन हो जाता है। साझेदारी के माध्यम से, हम दोनों पक्षों द्वारा किए जा रहे कार्यों को मिलाकर उन पर आगे बढ़ सकते हैं।’’

रो खन्ना ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेता 1990 के दशक में ही इस खतरे के बारे में चेतावनी दे रहे थे, लेकिन बहुत कम लोगों ने उनकी बात को गंभीरता से लिया। लेकिन 11 सितंबर के हमलों के बाद अमेरिका को एहसास हुआ कि आतंकवाद किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है बल्कि यह दुनिया भर में फैलता है और स्वतंत्रता के लिए खतरा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री वाजपेयी ने वर्षों पहले जो कहा था, वह सच था: आतंकवाद एक वैश्विक खतरा है।’’

कांग्रेस सदस्य रिचर्ड मैक्कॉर्मिक ने आतंकवाद को भारत और अमेरिका दोनों के लिए खतरा करार दिया।

भाषा शोभना मनीषा

मनीषा


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