पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री डार ने सिंधु नदी पर भारतीय परियोजनाओं को लेकर चिंता जताई
पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री डार ने सिंधु नदी पर भारतीय परियोजनाओं को लेकर चिंता जताई
(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद, 18 जून (भाषा) पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इसहाक डार ने बृहस्पतिवार को सिंधु नदी पर भारत की परियोजनाओं को लेकर चिंता जताई और चेतावनी दी कि ऐसे कदम क्षेत्रीय स्थिरता और जल सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।
विदेश मंत्री का भी प्रभार संभाल रहे डार ने ब्रसेल्स में पाकिस्तानी दूतावास और ‘सेंटर फॉर यूरोपियन पॉलिसी स्टडीज़’ (सीईपीएस) द्वारा आयोजित एक संगोष्ठी को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संबोधित करते हुए ये बातें कहीं।
विदेश कार्यालय के अनुसार, डार ने सिंधु नदी पर भारत की हालिया जलाशय विस्तार और पानी मोड़ने की परियोजनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे कदमों से नदी का प्राकृतिक बहाव बदल सकता है, जल-प्रभुत्व को बढ़ावा मिल सकता है और क्षेत्रीय स्थिरता व जल सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
उन्होंने बातचीत, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति पाकिस्तान की प्रतिबद्धता को दोहराया, और साथ ही जल सुरक्षा के मामले में अधिक अंतरराष्ट्रीय सहयोग का आह्वान किया।
डार ने जोर दिया कि देशों के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व अंतरराष्ट्रीय कानून, संधि की बाध्यताओं और बहुपक्षीय ढांचों के सम्मान पर निर्भर करता है।
उनकी यह टिप्पणी उन खबरों के बाद आई, जिनमें दावा किया गया था कि भारत 1960 की सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान को आवंटित तीन नदियों पर परियोजनाएं विकसित करने की योजना बना रहा है।
पिछले साल 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के एक दिन बाद, भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए, जिनमें 1960 की सिंधु जल संधि को स्थगित करना भी शामिल था।
विश्व बैंक की मध्यस्थता से हुई यह संधि 1960 से भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के जल बंटवारे और इस्तेमाल को नियंत्रित करती आ रही है।
भाषा शफीक पवनेश
पवनेश

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