अमेरिका में पैक्स सिलिका शिखर सम्मेलन: भारत समेत 35 देशों ने एआई अवसर संबंधी संयुक्त घोषणा-पत्र पर किए हस्ताक्षर

अमेरिका में पैक्स सिलिका शिखर सम्मेलन: भारत समेत 35 देशों ने एआई अवसर संबंधी संयुक्त घोषणा-पत्र पर किए हस्ताक्षर

अमेरिका में पैक्स सिलिका शिखर सम्मेलन: भारत समेत 35 देशों ने एआई अवसर संबंधी संयुक्त घोषणा-पत्र पर किए हस्ताक्षर
Modified Date: June 26, 2026 / 11:04 am IST
Published Date: June 26, 2026 11:04 am IST

सागर कुलकर्णी

वाशिंगटन, 26 जून (भाषा) भारत सहित 35 देशों ने कृत्रिम मेधा (एआई) प्रौद्योगिकियों को गति देने के लिए विश्वसनीय और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाएं विकसित करने की अमेरिकी पहल का समर्थन करते हुए ‘एआई अवसर संबंधी संयुक्त घोषणा-पत्र’ पर हस्ताक्षर किए हैं।

वाशिंगटन में बृहस्पतिवार को आयोजित द्वितीय पैक्स सिलिका शिखर सम्मेलन में 35 देशों ने इस संयुक्त घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर कर विकासोन्मुखी और नवाचार-समर्थक नियामकीय दृष्टिकोण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।

अमेरिका के आर्थिक मामलों के अवर विदेश मंत्री जैकब हेलबर्ग ने यह जानकारी दी।

हेलबर्ग ने कहा, ‘‘यह विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण, निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने और ऐसी बुनियादी संरचना विकसित करने की प्रतिबद्धता है, जो आने वाली सदी की एआई क्रांति को शक्ति प्रदान करेगी।’’

शिखर सम्मेलन के दौरान अर्जेंटीना, जर्मनी, नीदरलैंड, चिली, कोस्टा रिका, यूनान, कजाखस्तान, पनामा और यूरोपीय संघ भी पैक्स सिलिका पहल से जुड़ गए।

शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन, विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (अमेरिका) नागराज नायडू तथा भारतीय उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने किया।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अन्य देशों की सरकारों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ सेमीकंडक्टर, एआई तथा लचीली और भरोसेमंद प्रौद्योगिकी आपूर्ति श्रृंखलाओं में सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया।

हेलबर्ग ने कहा, ‘‘एआई का भविष्य इस बात से तय नहीं होगा कि सबसे पहले नियम कौन बनाता है, बल्कि इससे तय होगा कि सबसे पहले निर्माण कौन करता है और सबसे अधिक क्षमता कौन विकसित करता है। अधिक ऊर्जा, अधिक कंप्यूटिंग क्षमता, अधिक चिप्स, अधिक प्रतिभा और अधिक नवोन्मेषी निर्माता-यही भविष्य की दिशा तय करेंगे। हमें ऐसे भविष्य की ओर बढ़ना है, जहां नवाचार और निजी निवेश को प्रोत्साहन मिले।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम सब मिलकर ऐसे एआई भविष्य का निर्माण करना चाहते हैं, जो हमारे नागरिकों की सेवा करे, हमारी अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत बनाए तथा उद्यमिता, नवाचार और कानून के शासन को सशक्त करे।’’

अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि पैक्स सिलिका पहल की शुरुआत पिछले वर्ष दिसंबर में हुई थी। भारत इस वर्ष फरवरी में नई दिल्ली में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के अवसर पर इस पहल से जुड़ा था।

भाषा शोभना रंजन

रंजन

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