फिलीपीन : भूकंप के बाद झटकों से बढ़ी तबाही, 45 लोगों की मौत, हजारों विस्थापित

फिलीपीन : भूकंप के बाद झटकों से बढ़ी तबाही, 45 लोगों की मौत, हजारों विस्थापित

फिलीपीन : भूकंप के बाद झटकों से बढ़ी तबाही, 45 लोगों की मौत, हजारों विस्थापित
Modified Date: June 10, 2026 / 04:41 pm IST
Published Date: June 10, 2026 4:41 pm IST

जनरल सैंटोस (फिलीपीन), 10 जून (एपी) दक्षिणी फिलीपीन के जनरल सैंटोस शहर में एक शक्तिशाली भूकंप के बाद आए झटकों ने बचाव कार्यों को और जटिल बना दिया। सोमवार को आए 7.8 तीव्रता वाले इस भूकंप में कम से कम 45 लोगों की मौत हो गई और 17 लोग लापता हैं।

बचावकर्मी हेलमेट पहनकर आंशिक रूप से ढहे हुए किराना स्टोर से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, तभी एक और तेज झटका महसूस हुआ। सुरक्षा अधिकारी ने सीटी बजाकर और अन्य कर्मियों ने चिल्लाकर करीब 30 दमकलकर्मियों तथा तटरक्षक बल के जवानों को सुरक्षित स्थान पर जाने की चेतावनी दी, क्योंकि झुकी हुई तीन मंजिला इमारत से कंक्रीट का मलबा गिरने लगा था।

सोमवार को आए 7.8 तीव्रता के भूकंप से बुरी तरह प्रभावित हुआ जनरल सैंटोस देश का एक प्रमुख वाणिज्यिक केंद्र और टूना मछली उद्योग की राजधानी माना जाता है। इस भूकंप ने दक्षिणी मिंदानाओ क्षेत्र में व्यापक तबाही मचाई, जो फिलीपीन का दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला क्षेत्र है।

दमकल विभाग की प्रवक्ता रेसा मिया टैक्टाक्विन-बेटोया ने बताया कि जिस किराना स्टोर में बचाव अभियान चलाया जा रहा है, उसकी दो ऊपरी मंजिलें मुख्य भूकंप में ढह गई थीं। वहां एक लापता कर्मचारी की तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा, “झटका काफी तेज था। इसलिए तुरंत अलार्म बजाया गया ताकि क्षतिग्रस्त इमारत के भीतर और आसपास मौजूद लोग बाहर निकल सकें तथा उनकी गिनती की जा सके।”

उन्होंने कहा कि बचावकर्मियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और क्षेत्र को सुरक्षित घोषित किए बिना उन्हें दोबारा अंदर नहीं भेजा जाएगा।

फिलीपीन ज्वालामुखी एवं भूकंप विज्ञान संस्थान के प्रमुख टेरेसिटो बाकोलकोल के अनुसार, भूकंप के बाद अब तक 2,100 से अधिक झटके दर्ज किए गए हैं। इनमें कुछ की तीव्रता 6.4 तक रही, जो अतिरिक्त जान-माल के नुकसान का कारण बन सकती है।

अधिकारियों के अनुसार, 25,000 से अधिक लोग अब भी विस्थापित हैं। इनमें से कई तो सरकारी राहत शिविरों में रह रहे हैं और मानसिक आघात के कारण अपने घर लौटने की स्थिति में नहीं हैं।

सोमवार का भूकंप फिलीपीन में पिछले आधी सदी के सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक माना जा रहा है। इसमें कम से कम 630 लोग घायल हुए हैं। 3,100 से अधिक मकान, 29 सड़कें, 11 पुल और 100 से अधिक सरकारी भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं।

भूकंप से जनरल सैंटोस का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी प्रभावित हुआ है, जिसके कारण उसे अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। फिलहाल केवल राहत सामग्री और आपदा राहत कर्मियों को ले जाने वाली सरकारी तथा सैन्य उड़ानों को अनुमति दी जा रही है।

प्रभावित प्रांतों में लगभग 6,000 सरकारी स्कूल भवनों का सुरक्षा मूल्यांकन किया जाना है, जिसके बाद ही कक्षाएं फिर शुरू हो सकेंगी। गौरतलब है कि भूकंप ग्रीष्मावकाश के बाद नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन आया था और घायल होने वालों में बड़ी संख्या उन छात्रों की थी, जो सुबह के ध्वजारोहण समारोह में शामिल होने पहुंचे थे।

अधिकतर मौतें इमारतों के ढहने से गिरे मलबे और भूस्खलन के कारण हुईं। जनरल सैंटोस तथा आसपास के सारंगानी, साउथ कोटाबाटो और दावाओ ऑक्सिडेंटल प्रांत सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं।

भूकंप के बाद समुद्र में ज्वार स्तर से 1.4 मीटर ऊंची लहरें दर्ज की गईं, जिससे कम से कम एक व्यक्ति समुद्र में बह गया और उसकी मौत हो गई। इंडोनेशिया, पलाऊ और दक्षिणी जापान के तटों पर भी छोटी लहरें पहुंचीं, जिसके बाद सुनामी चेतावनी वापस ले ली गई।

जनरल सैंटोस के निकट सात तैराक भी भूकंप के तुरंत बाद तेज समुद्री धाराओं में बह गए। इनमें तीन को तटरक्षक बल ने बचा लिया, एक तैरकर किनारे पहुंच गया, एक की मौत हो गई और दो अब भी लापता हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन तेज धाराओं का कारण भी भूकंप ही था। यह भूकंप कोटाबाटो ट्रेंच में भूगर्भीय हलचल के कारण आया था। इसी समुद्री गर्त में 17 अगस्त 1976 को 8.1 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसने सुनामी पैदा की थी और लगभग 8,000 लोगों की जान ले ली थी।

प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित होने के कारण फिलीपीन दुनिया के सबसे अधिक आपदा-प्रवण देशों में शामिल है। यहां अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट जैसी प्राकृतिक आपदाएं आती रहती हैं।

एपी मनीषा नेत्रपाल

नेत्रपाल


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