(गुरदीप सिंह)
सिंगापुर, 13 जनवरी (भाषा) सिंगापुर में एक राजमार्ग से “जल्द ही संकटग्रस्त होने वाली’’ श्रेणी में शामिल एक दुर्लभ हिमालयी गिद्ध को बचाया गया है और उसे छोड़ने से पहले स्वस्थ अवस्था में लाया जा रहा है। यहां एक पशु कल्याण समूह ने यह जानकारी दी।
एनिमल कंसर्न्स रिसर्च एंड एजुकेशन सोसाइटी (एसीआरईसी) ने 11 जनवरी को परेशान हालत में दिखे प्रवासी पक्षी को बचाया था। समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कलई वनन बालकृष्णन ने यह जानकारी दी।
फिलहाल एसीआरईसी की पशु चिकित्सा टीम गिद्ध की देखभाल कर रही है। टीम ने गिद्ध के पूरी तरह स्वस्थ होने और फिर उसे जंगल में छोड़े जाने की उम्मीद जताई है।
‘द स्ट्रेट्स टाइम्स’ ने सोमवार को एक खबर में बालकृष्णन के हवाले से कहा, “शरीर में पानी की कमी, कमजोरी और लंबी यात्रा के कारण थकान जैसी शुरुआती स्वास्थ्य समस्याएं गिद्ध में दिख रही हैं। ”
उन्होंने कहा कि 11 जनवरी की दोपहर को एक व्यक्ति ने एसीआरईसी को गिद्ध के बारे में जानकारी दी थी, जिसके बाद तीन सदस्यीय बचाव टीम ने राजमार्ग पर घूम रहे गिद्ध को सुरक्षित पकड़ लिया। इससे पहले वह एक नहर में अटका हुआ था।
हिमालय के ऊंचाई वाले इलाकों में आम तौर पर पाए जाने वाले हिमालयी गिद्ध सिंगापुर में बहुत कम देखे जाते हैं। दक्षिण-पूर्व एशिया की ओर प्रवास करने वाली इस प्रजाति के अधिकांश पक्षी आमतौर पर थाईलैंड और म्यांमा में ही दिखाई देते हैं।
लंबे-चौड़े भूरे रंग के पंखों पर सफेद धारियों के लिए पहचाने जाने वाले हिमालयन गिद्धों के पंखों का फैलाव 2.5 से तीन मीटर तक होता है। इन गिद्धों का वजन 12 किलोग्राम तक हो सकता है।
कुछ पक्षी प्रेमी सोशल मीडिया पर इस प्रजाति के देखे जाने की जानकारी साझा कर रहे हैं।
बर्ड सोसाइटी ऑफ सिंगापुर के रिकॉर्ड के अनुसार, सिंगापुर में आखिरी बार हिमालयी गिद्ध फरवरी 2025 में देखे गए थे। सबसे पहले दिसंबर 1989 में ऐसा हुआ था, जब पश्चिमी सिंगापुर के तुआस इलाके में चार गिद्ध देखे गए थे।
हाल के वर्षों में सिंगापुर में ऊदबिलाव, जंगली सूअर और हिरण समेत कई वन्य जीवों को देखा गया है। प्रशासन ने बार-बार लोगों से अपील की है कि वे वन्य जीवों को नुकसान न पहुंचाएं।
भाषा
जोहेब वैभव
वैभव