रूस और भारत एसयू-57 के संयुक्त उत्पादन की संभावनाओं पर चर्चा कर रहे हैं : अधिकारी

रूस और भारत एसयू-57 के संयुक्त उत्पादन की संभावनाओं पर चर्चा कर रहे हैं : अधिकारी

रूस और भारत एसयू-57 के संयुक्त उत्पादन की संभावनाओं पर चर्चा कर रहे हैं : अधिकारी
Modified Date: January 28, 2026 / 09:37 pm IST
Published Date: January 28, 2026 9:37 pm IST

(विनय शुक्ला)

मॉस्को, 28 जनवरी (भाषा) भारत और रूस पांचवीं पीढ़ी के सुखोई एसयू-57ई लड़ाकू विमान के भारत में संयुक्त उत्पादन की संभावना तलाशने के लिए तकनीकी पहलुओं पर चर्चा कर रहे हैं। रूसी एरोस्पेस कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने बुधवार को यह दावा किया।

हालांकि, भारत की ओर से अधिकारी के दावे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

रूस के यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (यूएसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) वादिम बदेखा ने हैदराबाद के बेगमपेट हवाई अड्डे पर विंग्स इंडिया एयर शो से इतर रूसी संवाददाताओं से कहा, “आज हम इस अनुबंध पर तकनीकी बातचीत के उन्नत चरण में हैं। हमारे अनुभव को देखते हुए, ऐसे अनुबंध होने वाले हैं जो कई दशकों तक हमारे सहयोग की दिशा तय करेंगे हैं।’’

रूस ने इस प्रदर्शनी के दौरान अपने नवीनतम क्षेत्रीय परिवहन विमान – इल्यूशिन आईएल-114-300 और सुखोई एसजे-100 – को प्रदर्शित किया है।

बदेखा ने दावा किया कि दोनों पक्ष ‘‘वर्तमान में भारत में एसयू-30 विमानों के उत्पादन के लिए उपयोग की जाने वाली सुविधाओं में एसयू-57 लड़ाकू विमानों के लाइसेंस प्राप्त उत्पादन और इसके लिए भारतीय उद्योग और भारतीय प्रणालियों के अधिकतम उपयोग’’ पर भी चर्चा कर रहे हैं।

रूस की सरकारी समाचार एजेंसी ‘तास’ ने बदेखा के हवाले से बताया, ‘‘इसलिए, अनुबंध के लिए व्यापक और गहन अध्ययन की आवश्यकता है। वर्तमान में यह तकनीकी परामर्श के उन्नत चरण में है।’’

सरकारी समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के मुताबिक इससे पहले, सरकारी हथियार निर्यातक कंपनी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के सीईओ अलेक्जेंडर मिखीव ने घोषणा की थी कि कंपनी नई दिल्ली को नवीनतम पांचवीं पीढ़ी के एसयू-57ई लड़ाकू विमानों की आपूर्ति के साथ-साथ भारत में उनके उत्पादन और स्वदेशी एएमसीए स्टील्थ लड़ाकू विमान के विकास में सहायता की पेशकश कर रही है।

इसी बीच, निजी समाचार एजेंसी इंटरफैक्स ने यूएसी और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के बीच भारत में सुपरजेट-100 क्षेत्रीय जेट के उत्पादन के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर होने की खबर दी।

इंटरफैक्स की खबर के मुताबिक, ‘‘इस दस्तावेज़ में उस समझौते को औपचारिक रूप दिया गया है जिसके तहत एचएएल भारत में सुपरजेट के टाइप प्रमाणीकरण/ सत्यापन प्रक्रिया में यूएसी की सहायता करेगा। एचएएल को एसजे-100 के निर्माण और बिक्री का लाइसेंस भी दिया जाएगा, जिसमें इस विमान की मरम्मत और रखरखाव के लिए आवश्यक पुर्जे, घटक और अतिरिक्त पुर्जे शामिल हैं।’’

भाषा धीरज प्रशांत

प्रशांत


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