रूस ने यूक्रेन पर किए मिसाइल-ड्रोन हमले, कम से कम 18 लोगों की मौत
रूस ने यूक्रेन पर किए मिसाइल-ड्रोन हमले, कम से कम 18 लोगों की मौत
कीव, छह जुलाई (एपी) रूस ने सोमवार तड़के यूक्रेन पर मिसाइलों और ड्रोन से कई चरणों में बड़े पैमाने पर हमला किया, जिसमें कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई। इस हमले ने यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली में बढ़ती कमजोरियों को उजागर कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, रूस द्वारा दागी गई सभी बैलिस्टिक मिसाइल अपने निर्धारित लक्ष्यों तक सटीक तरीके से पहुंचीं। इससे यह स्पष्ट हुआ कि यूक्रेन के पास ‘पैट्रियट इंटरसेप्टर’ मिसाइलों की कमी लगातार गंभीर होती जा रही है।
ऐसा माना जा रहा है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की इस सप्ताह तुर्किये के अंकारा में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे।
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, यूक्रेन की राजधानी कीव को निशाना बनाकर ये हमले किए गए, जहां 12 लोगों की मौत हुई। वहीं, कीव क्षेत्र में छह अन्य लोगों के मारे जाने की पुष्टि क्षेत्रीय प्रमुख मायकोला कलाशनिक ने की।
जेलेंस्की ने बताया कि हमले में कम से कम 60 लोग घायल हुए हैं। राहत एवं बचाव दल राजधानी में उन दो आवासीय इमारतों के मलबे में जीवित लोगों की तलाश कर रहे हैं, जो सीधे मिसाइल हमले की चपेट में आईं।
इससे पहले, गत बृहस्पतिवार को भी रूस के हमले में कीव में 31 लोगों की मौत हुई थी, जो इस वर्ष राजधानी पर सबसे घातक हमला था।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह हमला यूक्रेन की हालिया लंबी दूरी की सैन्य कार्रवाइयों के जवाब में किया गया, जिनसे ईंधन की भारी कमी पैदा हुई और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर दबाव बढ़ा।
चार वर्ष से अधिक समय पहले रूस द्वारा शुरू किए गए पूर्ण पैमाने के आक्रमण के बाद हाल के महीनों में ड्रोन प्रौद्योगिकी में प्रगति के कारण यूक्रेन को बढ़त मिली है। विश्लेषकों और पश्चिमी अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेन द्वारा अग्रिम मोर्चे के पीछे स्थित आपूर्ति मार्गों पर किए गए हमलों से रूसी सेना की गति धीमी पड़ी है और उसकी सैन्य लागत बढ़ी है।
हालांकि, अब रूस यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली की कमजोरियों का फायदा उठा रहा है। यूक्रेन बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए मुख्य रूप से अमेरिका निर्मित ‘पैट्रियट’ प्रणाली पर निर्भर है और इसके बिना ऐसी मिसाइलों को रोकना बेहद कठिन है।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण ‘पैट्रियट’ इंटरसेप्टर मिसाइलों की वैश्विक आपूर्ति पर भी दबाव बढ़ा है। इन मिसाइलों का उत्पादन पहले से ही सीमित संख्या में होता है और इसकी सबसे अधिक मार फिलहाल यूक्रेन पर पड़ रही है।
यूक्रेन की वायुसेना ने बताया कि रूस ने रातभर में 351 ड्रोन और 68 मिसाइल दागीं, जिनका मुख्य निशाना कीव था।
दागी गईं सभी 29 बैलिस्टिक मिसाइल अपने लक्ष्यों पर पहुंचीं।
वायुसेना के प्रवक्ता यूरी इहनात ने राष्ट्रीय टेलीविजन पर कहा, ‘‘बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए हमारे पास पर्याप्त साधन होने चाहिए। रूस इस बात का फायदा उठा रहा है कि यूक्रेन और दुनिया में इंटरसेप्टर मिसाइलों की भारी कमी है।’’
उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) शिखर सम्मेलन से पहले जेलेंस्की ने ‘एक्स’ पर कहा कि यूक्रेनी सुरक्षाबलों ने ड्रोन और क्रूज मिसाइलों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में कमी रही, जिसका कारण इंटरसेप्टर मिसाइलों की अपर्याप्त आपूर्ति है।
उन्होंने अमेरिका और यूरोपीय देशों से अपील की कि वे शिखर सम्मेलन में यूक्रेन की हवाई रक्षा मजबूत करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस निर्णय लें।
जेलेंस्की ने कहा, ‘‘जब तक पैट्रियट मिसाइल हमारे सहयोगियों के भंडार में पड़ी रहेंगी, तब तक रूस को आवासीय इमारतों पर हमले जारी रखने का हौसला मिलता रहेगा। अमेरिका और यूरोप के पास इस आतंक को रोकने की पर्याप्त क्षमता है।’’
यूक्रेन के रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव ने कहा कि रूस पहले के मुकाबले कहीं अधिक बड़े पैमाने पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले कर रहा है और वह ‘पैट्रियट’ इंटरसेप्टर की भारी कमी का लाभ उठा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया भर में हर महीने जितनी बैलिस्टिक मिसाइल बनती हैं, रूस लगभग उतनी ही मिसाइल उसी अवधि में यूक्रेन पर दाग देता है।’’
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि हमले का निशाना कीव में स्थित हथियार निर्माण कारखाने थे, जहां ड्रोन, समुद्री ड्रोन, बख्तरबंद वाहन और मिसाइल बनाई जाती हैं। मंत्रालय ने यह भी दावा किया कि उसने वायु रक्षा प्रणालियों की मरम्मत से जुड़े प्रतिष्ठानों तथा ईंधन और ऊर्जा ढांचे को भी निशाना बनाया। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी।
रूस के हवाई हमलों में बार-बार नागरिक क्षेत्रों को भी नुकसान पहुंचा है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, युद्ध में अब तक 16,000 से अधिक यूक्रेनी नागरिकों की मौत हो चुकी है।
कीव सैन्य प्रशासन के प्रमुख तिमूर तकाचेंको ने ‘टेलीग्राम’ पर कहा, ‘‘ये आवासीय इमारतें हैं, जहां लोग सो रहे थे और सामान्य जीवन जी रहे थे।’’
उन्होंने बताया कि पोडिल्स्की जिले में एक आवासीय इमारत का हिस्सा ढह गया, जबकि दार्नित्सिया जिले में कई बहुमंजिला इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं और मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका है।
कीव के उपनगर विश्नेवे में बिना फटे गोला-बारूद के खतरे को देखते हुए लगभग 600 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
दार्नित्स्की जिले की निवासी 20 वर्षीय ख्रिस्टीना पियातेत्स्का ने बताया कि पहले विस्फोट के बाद वह चीखने लगीं और फिर दूसरे धमाके में उनके अपार्टमेंट की खिड़कियां टूट गईं।
उन्होंने कहा कि बिजली चली गई, चारों ओर जलने की गंध फैल गई और धुआं भर गया।
पियातेत्स्का ने कहा, ‘‘जब हम इमारत से बाहर निकल रहे थे, तब वहां शव पड़े थे। नीचे पहुंचने पर कारों में विस्फोट होने लगे और हम मलबे से निकलकर सीधे आग के बीच पहुंच गए।’’
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने रातभर में यूक्रेन के 519 ड्रोन मार गिराए।
एपी रवि कांत नेत्रपाल
नेत्रपाल

Facebook


