कुछ यूरोपीय लोग अपनी पसंद का टीका लगवाना चाहते हैं

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कुछ यूरोपीय लोग अपनी पसंद का टीका लगवाना चाहते हैं

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  • Publish Date - February 13, 2021 / 10:30 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:59 PM IST

वारसा, 13 फरवरी (एपी) कई यूरोपीय नागरिक कोरोना वायरस का टीका लगवाने के लिए बेताब हैं, लेकिन उन्हें कोई भी टीका नहीं चाहिए।

यूरोपीय देशों में फाइजर और मॉडर्ना के टीके पहले से मौजूद हैं और यूरोपियन यूनियन के देशों में इस महीने एस्ट्राजेनेका का टीका भी उपलब्ध होना शुरू हो गया है, लेकिन कई लोग अपनी पसंद का ही टीका लगवाना चाहते हैं।

पोलैंड में शुक्रवार से शिक्षकों को एस्ट्राजेनेका का टीका लगना शुरू हुआ और कुछ लोगों को गलतफहमी है कि जो टीका लगाया जा रहा है वह दूसरे की तुलना में कम प्रभावी हो सकता है।

वारसा के दक्षिणी विलानोव जिले में प्राथमिक एवं उच्च विद्यालय की निदेशक इवेलिना जानकोवस्का ने कहा कि उनके स्कूल में कोई भी एस्ट्राजेनेका का टीका लगवाने के लिए उत्साहित नहीं है, हालांकि कई लोगों ने इसके लिए पंजीकरण कराया है।

पिछले साल नवंबर में कोविड-19 से संक्रमित और काफी देर से ठीक हुईं जानकोवस्की ने कहा, ‘‘मुझे एस्ट्रोजेनेका से ज्यादा डर महामारी से लग रहा है।’’

स्वीडन की कंपनी एस्ट्राजेनेका ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के साथ मिलकर टीका का विकास किया है। यूरोपीय संघ सहित 50 से अधिक देशों ने जहां इसके इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी है वहीं मानवीय परीक्षण को लेकर दूसरे टीके की तुलना में इसकी ज्यादा आलोचना हुई है।

एपी नीरज पवनेश

पवनेश

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