स्वीडन ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत के आगमन के दौरान एक संदिग्ध रूसी ड्रोन को पकड़ा

स्वीडन ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत के आगमन के दौरान एक संदिग्ध रूसी ड्रोन को पकड़ा

स्वीडन ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत के आगमन के दौरान एक संदिग्ध रूसी ड्रोन को पकड़ा
Modified Date: February 27, 2026 / 04:41 pm IST
Published Date: February 27, 2026 4:41 pm IST

स्टॉकहोम, 27 फरवरी (एपी) स्वीडन की सेना ने देश के दक्षिण में एक संदिग्ध रूसी ड्रोन को ऐसे समय में पकड़ा जब एक फ्रांसीसी विमानवाहक पोत माल्मो बंदरगाह पर खड़ा था। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

सशस्त्र बलों ने बृहस्पतिवार को कहा कि स्वीडन और डेनमार्क को विभाजित करने वाले जलडमरूमध्य ओरेसुंड में गश्त के दौरान एक स्वीडिश नौसैनिक जहाज ने इस संदिग्ध ड्रोन को देखा।

उन्होंने कहा कि ड्रोन को रोकने के लिए जवाबी कार्रवाई की गई और उसके बाद ड्रोन से संपर्क टूट गया।

परमाणु ऊर्जा से चलने वाला फ्रांसीसी विमानवाहक पोत चार्ल्स डी गॉल इस सप्ताह नियमित नाटो अभ्यास के सिलसिले में दक्षिणी स्वीडिश शहर माल्मो में है। माल्मो ओरेसुंड में स्थित है, जो डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन के ठीक सामने है।

फ्रांसीसी सैन्य प्रवक्ता गुइलौम वर्नेट ने बताया कि ड्रोन का पता बुधवार को चला और विमानवाहक पोत के आसपास की सुरक्षा प्रणाली में शामिल स्वीडिश बलों ने उसे नियंत्रित कर लिया।

उन्होंने शुक्रवार को बताया कि ड्रोन विमानवाहक पोत ‘चार्ल्स डी गॉल’ से 10 किलोमीटर (6 मील) से अधिक दूरी पर था।

स्वीडन के रक्षा मंत्री पाल जॉनसन ने बृहस्पतिवार शाम को सार्वजनिक प्रसारक एसवीटी से कहा कि ड्रोन द्वारा स्वीडिश हवाई क्षेत्र के संदिग्ध उल्लंघन का संबंध स्वीडिश क्षेत्रीय जल में एक रूसी सैन्य जहाज की मौजूदगी से है।

जब उनसे पूछा गया कि उनके अनुसार ड्रोन किस देश का है, तो उन्होंने जवाब दिया: ‘‘संभवतः रूस का है।’’

एपी

राजकुमार पवनेश

पवनेश


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