ईरान के यूरेनियम भंडार का रूस या चीन के हाथ में जाना ट्रंप को मंजूर नहीं

ईरान के यूरेनियम भंडार का रूस या चीन के हाथ में जाना ट्रंप को मंजूर नहीं

ईरान के यूरेनियम भंडार का रूस या चीन के हाथ में जाना ट्रंप को मंजूर नहीं
Modified Date: May 28, 2026 / 12:29 am IST
Published Date: May 28, 2026 12:29 am IST

वाशिंगटन, 27 मई (एपी) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को साफ कर दिया कि ईरान का अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम भंडार रूस या चीन में से किसी के भी हाथ में जाए, उन्हें यह कतई मंजूर नहीं होगा।

इन दोनों देशों के तेहरान (ईरान) के साथ बेहद करीबी संबंध हैं। परमाणु विश्लेषकों का कहना है कि एक संभावित समझौते के हिस्से के रूप में संवर्धित यूरेनियम को अपने कब्जे में लेने के लिए ये दोनों देश ईरानी गणराज्य के लिए एक स्वीकार्य तीसरे पक्ष हो सकते हैं।

ट्रंप ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में कहा था कि पिछले साल अमेरिकी हवाई हमलों में तबाह हुए परमाणु स्थलों के नीचे जिस यूरेनियम के दबे होने की आशंका है, उसे या तो अमेरिका को सौंप दिया जाएगा या फिर ‘उसी स्थान पर या किसी अन्य स्वीकार्य स्थान पर नष्ट कर दिया जाएगा और इस पूरी प्रक्रिया एवं घटना का गवाह परमाणु ऊर्जा आयोग या उसके समकक्ष कोई संस्थान बनेगा।’

ट्रंप की यह टिप्पणी उनके पिछले रुख में थोड़ी नरमी का संकेत देती है, जिसमें उन्होंने पहले इस बात पर जोर दिया था कि अमेरिका खुद ईरान के यूरेनियम भंडार पर नियंत्रण करे।

एपी सुमित सुरेश

सुरेश


लेखक के बारे में