ट्रंप ने व्हाइट हाउस के समीप क्रिस्टोफर कोलंबस की प्रतिमा स्थापित की
ट्रंप ने व्हाइट हाउस के समीप क्रिस्टोफर कोलंबस की प्रतिमा स्थापित की
एनापोलिस (अमेरिका), 23 मार्च (एपी) इतालवी खोजकर्ता क्रिस्टोफर कोलंबस की एक प्रतिमा को अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यालय एवं आवास व्हाइट हाउस के पास स्थित आइजनहावर सरकारी कार्यालय परिसर में स्थापित किया गया है।
यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा इस कथित विवादित खोजकर्ता को सम्मान देने के प्रयास का हिस्सा है।
यह उस प्रतिमा की प्रतिकृति है, जिसे 2020 में ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान देशभर में संस्थागत नस्लवाद के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच बाल्टीमोर के बंदरगाह में फेंक दिया गया था।
ट्रंप पारंपरिक रूप से कोलंबस को 1492 के उस अभियान के नेता के रूप में देखते हैं, जिसे अमेरिका में यूरोपीय उपनिवेशवाद की अनौपचारिक शुरुआत और आधुनिक आर्थिक-राजनीतिक व्यवस्था के विकास का आधार माना जाता है। हालांकि, हाल के वर्षों में कोलंबस को पश्चिमी यूरोप द्वारा ‘न्यू वर्ल्ड’ उसके संसाधनों और मूल निवासियों के दमन और शोषण के प्रतीक के रूप में भी देखा जाने लगा है। ‘न्यू वर्ल्ड’ से तात्पर्य अमेरिका (उत्तरी, दक्षिणी और मध्य अमेरिका) और आसपास के द्वीपों से है
व्हाइट हाउस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘इस व्हाइट हाउस में क्रिस्टोफर कोलंबस एक नायक हैं और राष्ट्रपति ट्रंप यह सुनिश्चित करेंगे कि आने वाली पीढ़ियों तक उन्हें इसी रूप में सम्मानित किया जाए।’’
मुख्यतः संगमरमर से बनी यह प्रतिमा मैरीलैंड के सेंटरविल स्थित मूर्तिकार विल हेम्सली ने बनाई है।
मूल प्रतिमा को चार जुलाई 2020 को प्रदर्शनकारियों ने गिराकर बाल्टीमोर के इनर हार्बर में फेंक दिया था। यह घटना पुलिस हिरासत में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद भड़के गुस्से के बीच हुई थी। उसी समय देशभर में कोलंबस की कई प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाया गया, क्योंकि प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि यह इतालवी अन्वेषक अमेरिका के मूल निवासियों के नरसंहार और शोषण के लिए जिम्मेदार था।
ट्रंप ने अपने 2024 के चुनावी अभियान के दौरान लगाए आरोप को दोहराया कि ‘‘डेमोक्रेट सदस्यों ने क्रिस्टोफर कोलंबस की छवि और उन्हें पसंद करने वाले इतालवी समुदाय को नुकसान पहुंचाने की हरसंभव कोशिश की है।’’
एपी गोला शोभना
शोभना
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