ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के विरोधाभासी बयानों से भ्रम की स्थिति

ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के विरोधाभासी बयानों से भ्रम की स्थिति

ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप के विरोधाभासी बयानों से भ्रम की स्थिति
Modified Date: March 28, 2026 / 07:26 pm IST
Published Date: March 28, 2026 7:26 pm IST

वाशिंगटन, 28 मार्च (एपी) पश्चिम एशिया में हज़ारों अतिरिक्त अमेरिकी सैनिक तैनात किए जाने के प्रयासों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अमेरिका ईरान के साथ युद्ध जीत रहा है।

उन्होंने अमेरिका की मदद न करने के लिए नाटो देशों की कड़ी आलोचना की, लेकिन बाद में कहा कि उन्हें उनकी सहायता की ज़रूरत नहीं है। वह ईरान के लिए होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की समयसीमा को दो बार बढ़ा चुके हैं।

ट्रंप ने एक ओर तो यह धमकी दी है कि यदि यह महत्वपूर्ण जलमार्ग काफी हद तक बंद रहता है, तो ईरान के ऊर्जा संयंत्रों को ‘‘पूरी तरह तबाह’’ कर दिया जाएगा; वहीं दूसरी ओर उन्होंने यह भी कहा है कि इस जलमार्ग के बंद होने से अमेरिका ‘‘अप्रभावित’’ है।

उनके इस तरह के विरोधाभसी बयानों से भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

डेमोक्रेटिक राष्ट्रपतियों के अधीन रक्षा मंत्री, सीआईए निदेशक और व्हाइट हाउस के ‘चीफ ऑफ स्टाफ’ के तौर पर काम कर चुके लियोन पैनेटा ने कहा कि उन्होंने ‘‘काफी युद्ध देखे हैं, जिनमें सच सबसे पहले बलि चढ़ जाता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह पहली सरकार नहीं है जिसने युद्ध के बारे में सच नहीं बताया है।’’

पैनेटा ने कहा, ‘‘लेकिन राष्ट्रपति ने लगभग हर सवाल का जवाब देने के लिए एक तरह का बहुत ही आम तरीका अपना लिया है-कि वे किसी न किसी रूप में यह झूठ बोलते हैं कि असल में क्या हो रहा है, और मूल रूप से हर चीज़ को ‘ठीक-ठाक’ बताते हैं, और यह दावा करते हैं कि हम युद्ध जीत रहे हैं।’’

अमेरिकन एंटरप्राइज इंस्टिट्यूट से संबंधित इतिहासकार माइकल रूबिन ने कहा कि ट्रंप हाल के इतिहास में किसी भी पार्टी के ऐसे पहले राष्ट्रपति हैं जिनका अपनी जुबान पर कोई नियंत्रण नहीं है।

एपी

नेत्रपाल नरेश

नरेश


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