युगांडा के तोरो साम्राज्य में पत्रकार बना नया राजा, उत्तराधिकार विवाद के बीच हुआ राज्याभिषेक

युगांडा के तोरो साम्राज्य में पत्रकार बना नया राजा, उत्तराधिकार विवाद के बीच हुआ राज्याभिषेक

युगांडा के तोरो साम्राज्य में पत्रकार बना नया राजा, उत्तराधिकार विवाद के बीच हुआ राज्याभिषेक
Modified Date: September 29, 2026 / 09:24 pm IST
Published Date: September 29, 2026 9:24 pm IST

कंपाला, 29 सितंबर (एपी) युगांडा के पारंपरिक तोरो साम्राज्य में मंगलवार को एक पत्रकार को राजा बनाया गया।

पारंपरिक राजशाही के पूर्व राजा की पिछले महीने मृत्यु के बाद उत्तराधिकार को लेकर विवाद खड़ा हो गया था और व्यापक शोक की स्थिति पैदा हुई थी।

नए राजा एक राजकुमार हैं, जो लंबे समय तक ‘युगांडा ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन’ में प्रसारक और संपादक के रूप में कार्यरत रहे हैं।

उन्होंने राजगद्दी संभालने के लिए अपना नाम एडवर्ड रुकिडी न्याबोंगो रखा। उन्होंने रातभर चले पारंपरिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया, जिसके बाद उन्हें महल ले जाया गया और मंगलवार को औपचारिक रूप से अपने अनुयायियों के समक्ष पेश किया गया।

ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन से स्वतंत्रता के बाद 1960 के दशक में युगांडा के गणतांत्रिक राष्ट्रपति ने देश को एकजुट करने की बात कहते हुए पारंपरिक राजशाहियों पर प्रतिबंध लगा दिया था। वर्ष 1993 में इन्हें फिर बहाल किया गया।

इस पूर्वी अफ्रीकी देश में पारंपरिक शासकों के पास कोई औपचारिक प्रशासनिक अधिकार नहीं हैं और उन्हें दलीय राजनीति से जुड़ने से कानूनी रूप से प्रतिबंधित किया गया है।

लेकिन पारंपरिक संस्कृति के संरक्षक के रूप में अपने समुदायों के बीच उनका काफी प्रभाव है।

पश्चिमी युगांडा के सुदूर शहर फोर्ट पोर्टल में आयोजित राज्याभिषेक समारोह को हजारों लोगों ने व्यक्तिगत रूप से देखा। टेलीविजन प्रसारण के जरिये भी इसका प्रसारण हुआ। यह स्थान कांगो की सीमा के पास स्थित है।

इस समारोह में युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी ने पारंपरिक नेताओं से स्थानीय भाषाओं को बढ़ावा देने का आग्रह किया।

न्याबोंगो उत्तराधिकार की कतार में बहुत ऊपर नहीं थे, लेकिन शाही वंश बबीतो के बुजुर्गों ने योग्य राजकुमारों में से उनका चयन किया। यह फैसला राजा ओयो न्यिम्बा की अगस्त में 34 वर्ष की उम्र में कैंसर से मौत के बाद लिया गया। राजा ओयो के किसी ज्ञात उत्तराधिकारी की जानकारी नहीं थी।

ओयो को 1995 में उनके पिता की मृत्यु के बाद महज तीन वर्ष की उम्र में राजा बनाया गया था। रंग-बिरंगे वस्त्रों में रहने वाले इस जिज्ञासु बच्चे को उनके लाखों अनुयायी बेहद पसंद करते थे।

ओयो को कभी अनौपचारिक रूप से दुनिया का सबसे कम उम्र का राजा कहा जाता था। वह राष्ट्रीय कार्यक्रमों में उनसे मिलने वाले विश्व नेताओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र रहे थे, जिनमें दक्षिण अफ्रीका के नेल्सन मंडेला भी शामिल थे।

एपी रवि कांत रवि कांत राजकुमार

राजकुमार


लेखक के बारे में