अमेरिका की अदालत ने ट्रंप प्रशासन को देशभर में अवैध प्रवासियों के त्वरित निर्वासन की अनुमति दी
अमेरिका की अदालत ने ट्रंप प्रशासन को देशभर में अवैध प्रवासियों के त्वरित निर्वासन की अनुमति दी
वाशिंगटन, 24 जून (एपी) अमेरिका की एक संघीय अपीलीय अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को न केवल सीमा क्षेत्रों में, बल्कि पूरे देश में अवैध प्रवासियों के त्वरित निर्वासन की प्रक्रिया फिर शुरू करने की मंगलवार को अनुमति दे दी।
‘डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया सर्किट’ के लिए अपीलीय अदालत की तीन न्यायाधीशों वाली पीठ ने अधीनस्थ अदालत के उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसके तहत ट्रंप प्रशासन द्वारा त्वरित निष्कासन के दायरे का विस्तार करने पर अस्थायी रोक लगाई गई थी।
संस्था एसीएलयू की आव्रजक अधिकार परियोजना से जुड़े वरिष्ठ स्टाफ अटॉर्नी आनंद बालकृष्णन ने एक बयान में कहा, ‘‘त्वरित निर्वासन पर ट्रंप प्रशासन के जोर देने से लोग एक पक्षपातपूर्ण और त्रुटिपूर्ण व्यवस्था का शिकार होंगे।’’
पीठ के सदस्य न्यायाधीश जस्टिन आर. वॉकर ने कहा कि वादी यह साबित नहीं कर सके कि त्वरित निष्कासन के दायरे का विस्तार संवैधानिक न्यायिक प्रक्रिया के अधिकारों का उल्लंघन करता है। उन्होंने अपने फैसले में लिखा कि प्रवासियों को निष्कासन संबंधी कार्रवाई की सूचना दी जाती है और उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर भी प्रदान किया जाता है।
न्यायाधीश वॉकर ने कहा कि प्रशासन पर यह जानकारी देने की कोई संवैधानिक जिम्मेदारी नहीं है कि दो वर्ष से अधिक समय से अमेरिका में रह रहे प्रवासी त्वरित निर्वासन से राहत पाने के पात्र हो सकते हैं।
उन्होंने आदेश में कहा, “संविधान के तहत आवश्यक यह है कि सरकार जिस कार्रवाई को अंजाम दे रही है और उसके आधार क्या हैं, इसकी स्पष्ट सूचना दी जाए तथा संबंधित व्यक्ति को जवाब देने का अवसर मिले।”
यह फैसला रिपब्लिकन प्रशासन के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है, जो त्वरित निष्कासन की व्यवस्था के विस्तार को अपनी व्यापक निर्वासन नीति लागू करने का एक अहम साधन मानता है।
त्वरित निष्कासन ऐसी प्रक्रिया है, जिसके तहत किसी प्रवासी को अदालत में न्यायाधीश के समक्ष अपना पक्ष रखने का अवसर दिए बिना ही देश से निर्वासित किया जा सकता है। अब तक यह व्यवस्था मुख्य रूप से समुद्री मार्ग से आने वाले प्रवासियों या सीमा पार करने के तुरंत बाद सीमा पर अथवा उसके निकट पकड़े गए लोगों पर लागू की जाती रही है।
जनवरी में ट्रंप प्रशासन ने इस व्यवस्था का दायरा बढ़ाकर इसे पूरे अमेरिका में अवैध प्रवासियों पर लागू कर दिया था।
एपी खारी वैभव
वैभव

Facebook


