ईरान के प्रमुख तेल क्षेत्र खार्ग द्वीप पर कब्जा कर सकता है अमेरिका: ट्रंप

ईरान के प्रमुख तेल क्षेत्र खार्ग द्वीप पर कब्जा कर सकता है अमेरिका: ट्रंप

ईरान के प्रमुख तेल क्षेत्र खार्ग द्वीप पर कब्जा कर सकता है अमेरिका: ट्रंप
Modified Date: March 30, 2026 / 09:08 am IST
Published Date: March 30, 2026 9:08 am IST

एयर फोर्स वन, 30 मार्च (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी बल फारस की खाड़ी में स्थित ईरान के प्रमुख तेल क्षेत्र खार्ग द्वीप को ‘आसानी से’ अपने नियंत्रण में ले सकते हैं।

ट्रंप ने समाचार पत्र ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ को दिए एक साक्षात्कार में यह बात कही।

ट्रंप ने कहा, ‘‘हो सकता है कि हम खार्ग द्वीप पर कब्जा कर लें, हो सकता है कि हम ऐसे न भी करें। हमारे पास कई विकल्प हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसका मतलब यह भी होगा कि हमें कुछ समय के लिए वहां (खार्ग द्वीप पर) रहना होगा।’’

वहां ईरान की रक्षा व्यवस्था के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे नहीं लगता कि उनके पास कोई रक्षा व्यवस्था है। हम इसे बहुत आसानी से अपने कब्जे में ले सकते हैं।’’

अमेरिका ने खार्ग द्वीप पर सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए थे।

ईरान ने धमकी दी है कि अगर अमेरिकी सेना उसकी धरती पर कदम रखती है तो वह खाड़ी के अरब देशों पर जमीनी आक्रमण करेगा और नए हमले करेगा।

ट्रंप ने कहा कि ईरान की संसद के अध्यक्ष ने फारस की खाड़ी के संकरे मुहाने होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों के गुजरने की अनुमति दे दी है।

साक्षात्कार में ट्रंप की यह बात इस बात का ताज़ा संकेत माना जा रहा है कि मोहम्मद बाकिर कलीबाफ ईरान की धार्मिक शासन व्यवस्था के भीतर कितने अहम होते जा रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के घटनाक्रम में कलीबाफ एक प्रभावशाली और निर्णायक चेहरे के रूप में उभरे हैं, जिससे उनकी भूमिका और महत्व और अधिक स्पष्ट हुआ है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘उन्होंने हमें पाकिस्तानी ध्वज वाले 10 टैंकर दिए थे। अब वे 20 दे रहे हैं और वे 20 पहले ही रवाना हो चुके हैं जो जलडमरूमध्य के ठीक बीच से गुजर रहे हैं।’’

ट्रंप ने साक्षात्कार में कलीबाफ को लेकर कहा ‘‘जहाजों को मुझे सौंपने की अनुमति उन्होंने ही दी थी। याद है मैंने कहा था कि वे मुझे एक तोहफ़ा दे रहे हैं? और सबने पूछा था कि क्या तोहफ़ा है?’’

ट्रंप ने कहा ‘‘ जब उन्हें इसके बारे में पता चला तो वे चुप रहे और बातचीत में काफी प्रगति हो रही है।’’

ईरान के नेता कलीबाफ ने युद्ध के दौरान ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट के जरिए आक्रामक तेवर दिखाए हैं। वह लगातार अमेरिका का मज़ाक उड़ाते रहे हैं और खुली धमकियां भी देते रहे हैं।

हालांकि, रिवोल्यूशनरी गार्ड के पूर्व कमांडर कलीबाफ़ का राजनीतिक कद हाल के दिनों में बढ़ा है, खासकर तब जब ईरान की धार्मिक शासन व्यवस्था के कई वरिष्ठ नेता हमले में मारे गए हैं।

एपी शोभना जोहेब

जोहेब


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