ईरानी क्षेत्र में ‘जीवन-मरण’ मिशन में अमेरिकी पायलट को बचाया गया: न्यूयॉर्क टाइम्स
ईरानी क्षेत्र में ‘जीवन-मरण’ मिशन में अमेरिकी पायलट को बचाया गया: न्यूयॉर्क टाइम्स
(योषिता सिंह)
न्यूयॉर्क, पांच अप्रैल (भाषा) अमेरिका ने अपने उस पायलट को दो दिन तक चले ‘जीवन-मरण’ वाले मिशन में सुरक्षित बचा लिया, जो तेहरान के हमले में अपने लड़ाकू विमान को निशाना बनाये जाने के बाद लापता हो गया था। अमेरिकी सेना ने इस अभियान को ईरान में घुसकर अंजाम दिया।
न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर के अनुसार, ईरान द्वारा विमान को मार गिराये जाने के बाद अमेरिकी वायुसेना का अधिकारी दुश्मन से बचने के लिए पहाड़ों की एक दरार में छिप गया और 7,000 फुट की ऊंचाई तक चढ़ाई की। दो दिन तक चले ‘‘जीवन-मरण’’ वाले मिशन में अमेरिकी सेना उसे सुरक्षित ले आई।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पायलट को बचाने के लिए चलाए गए बचाव अभियान को रविवार को ‘‘साहस और प्रतिभा का एक अद्भुत प्रदर्शन’’ करार दिया।
ईरान अपने ही क्षेत्र में गिरे अमेरिकी पायलट को नहीं ढ़ूंढ़ पाया, जबकि उसने उसका पता लगाने वाले किसी भी व्यक्ति को इनाम के तौर पर मोटी रकम देने की घोषणा की थी।
ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर अपने पोस्ट में, बचाए गए अधिकारी को ‘‘एक अत्यंत सम्मानित कर्नल’’ बताया।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने ईरान के पहाड़ों के बीच से, गंभीर रूप से घायल और अत्यंत साहसी एफ-15 चालक दल के सदस्य/अधिकारी को बचा लिया है। ईरानी सेना बड़ी संख्या में, पूरी शिद्दत से उसे तलाश कर रही थी और करीब पहुंच रही थी।’’
ट्रंप ने कहा, “इस तरह का अभियान शायद ही कभी किया जाता है, क्योंकि इसमें ‘व्यक्ति और साज़ो-सामान’ को खतरा होता है। दूसरा अभियान पहले अभियान के बाद हुआ, जिसमें हमने सबके सामने पायलट को बचाया – जो कि अपने आप में एक अनोखी बात है – और इस दौरान हमने ईरान के आसमान में सात घंटे बिताए। यह सभी की तरफ़ से बहादुरी और प्रतिभा का एक ज़बरदस्त प्रदर्शन था!”
व्हाइट हाउस ने भी अपने सोशल मीडिया हैंडल पर घोषणा की, ‘‘हम किसी भी अमेरिकी सैनिक को कभी संकट में नहीं छोड़ेंगे।’’
बचाव अभियान के विस्तृत विवरण के साथ न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया कि शनिवार रात एक ‘‘जोखिम भरे मिशन’’ के दौरान अमेरिका के विशेष अभियान बलों ने वायुसेना के अधिकारी को बचा लिया।
रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से कहा गया, ‘‘यह बचाव अभियान अमेरिकी और ईरानी सेनाओं के बीच, संबंधित अधिकारी तक पहुंचने के लिए दो दिन की ‘जीवन-मरण की स्थिति’ के तहत पूरा हुआ।’’
ईरान ने अमेरिका के लड़ाकू विमान ‘एफ-15ई स्ट्राइक ईगल’ को शुक्रवार को देश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में मार गिराया गया था।
विमान के चालक दल के दो सदस्य बाहर निकलने में सफल रहे थे। इनमें से एक पायलट को तुरंत बचा लिया गया था, जबकि दूसरे पायलट की तलाश में अमेरिका ने ईरान में उतरकर दिन-रात एक कर दिया।
रिपोर्ट में प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर कहा गया, ‘‘एफ-15ई से बाहर निकलने के बाद, पायलट एक पहाड़ की दरार में छिप गया। वह 24 घंटे से ज़्यादा समय तक ईरानी सेना से बचता रहा; इस दौरान एक बार तो वह पहाड़ की 7,000 फुट ऊंची चोटी पर भी चढ़ गया… शुरुआत में अमेरिका को उसकी जगह के बारे में पता नहीं था, लेकिन सीआईए ने उसके छिपने की जगह ढूंढ़ ली।’’
इसमें कहा गया कि अमेरिकी विमानों ने ईरानी सेना के काफिलों को उस जगह से दूर रखने के लिए बम गिराए और गोलीबारी की।
अमेरिकी सेना के एक अधिकारी ने कहा, “अमेरिकी कमांडो ने भी ईरानी सेना को बचाव स्थल से दूर रखने के लिए गोलियां चलाईं, क्योंकि ईरानी सैनिक संबंधित अधिकारी की ओर बढ़ रहे थे; लेकिन वे ईरानियों के साथ सीधी गोलीबारी में नहीं उलझे।”
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी नौसेना की सील कमांडो टीम-6 के कर्मियों ने संबंधित अधिकारी को बचा लिया। इसमें कहा गया कि इस अभियान में ‘‘सैकड़ों विशेष अभियान सैनिक और अन्य सैन्यकर्मी शामिल थे, जो दुश्मन के इलाके के काफी अंदर काम कर रहे थे।’’
अधिकारी (पायलट) को बचाए जाने के तुरंत बाद, शनिवार देर रात ‘ट्रुथ सोशल’ पर ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिकी सेना ने ‘‘अमेरिकी इतिहास के सर्वाधिक साहसिक खोज और बचाव अभियानों में से एक को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। यह अभियान हमारे एक असाधारण अधिकारी के लिए था जो कि एक अत्यंत सम्मानित कर्नल भी हैं। मुझे आपको यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि अब वह पूरी तरह से सुरक्षित और सकुशल हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह बहादुर योद्धा ईरान के खतरनाक पहाड़ों में दुश्मन की सीमा में था, जहां हमारे दुश्मन उसकी तलाश कर रहे थे तथा हर गुज़रते पल के साथ वे उसके और करीब आते जा रहे थे।’’
वहीं, एक अलग घटना में, एक अन्य पायलट को उस वक्त बचाया लिया गया, जब शुक्रवार को फ़ारस की खाड़ी क्षेत्र में उसका लड़ाकू विमान ‘ए-10 वॉरथॉग’ दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
‘ए-10 वॉरथॉग’ शुक्रवार को होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक अन्य पोस्ट में, होर्मुज़ जलडमरूमध्य के दोबारा न खुलने की स्थिति में ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमला करने की अपनी धमकी को दोहराया और कहा कि ईरानी बिजली संयंत्रों तथा पुलों पर हमले किए जाएंगे।
भाषा नेत्रपाल सुभाष
सुभाष

Facebook


