ईरान युद्ध पर ट्रंप को झटका, अमेरिकी सीनेट ने युद्ध शक्तियों संबंधी प्रस्ताव पहली बार मंजूर किया

ईरान युद्ध पर ट्रंप को झटका, अमेरिकी सीनेट ने युद्ध शक्तियों संबंधी प्रस्ताव पहली बार मंजूर किया

ईरान युद्ध पर ट्रंप को झटका, अमेरिकी सीनेट ने युद्ध शक्तियों संबंधी प्रस्ताव पहली बार मंजूर किया
Modified Date: June 24, 2026 / 08:22 am IST
Published Date: June 24, 2026 8:22 am IST

वाशिंगटन, 24 जून (एपी) अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को बाधित करने के लिए युद्ध शक्तियों संबंधी प्रस्ताव को मंगलवार को पहली बार मंजूरी दी।

अमेरिकी सांसद युद्ध समाप्त करने के लिए देश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर सतर्कता से नजर रख रहे हैं। यह युद्ध शुरू करने का फैसला अमेरिकी प्रशासन ने लिया था लेकिन अब उसे संसद से धन की जरूरत है।

सीनेट ने युद्ध रोकने के लिए 10वीं बार प्रयास किया। इस प्रस्ताव के पक्ष में 50 तथा विरोध में 48 मत पड़े जो पिछले प्रयासों की तुलना में एक चौंकाने वाला बदलाव है। यह प्रस्ताव काफी हद तक प्रतीकात्मक है और इसे पूरी तरह कानून का दर्जा हासिल नहीं है लेकिन यह युद्ध और इसे समाप्त करने के लिए ईरान के साथ ट्रंप के समझौते को लेकर प्रतिनिधि सभा तथा सीनेट के कई रिपब्लिकन सांसदों की बढ़ती चिंताओं को दर्शाता है। प्रतिनिधि सभा ने इस महीने की शुरुआत में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी।

सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता चक शूमर ने कहा, ‘‘सीनेट में बड़ी संख्या में रिपब्लिकन पार्टी के सदस्यों ने अमेरिकी जनता के बजाय बार-बार ट्रंप और उनके युद्ध का साथ दिया।’’

शूमर ने कहा कि अमेरिकियों को ‘‘ईरान में ट्रंप की ऐतिहासिक भूल’’ की कीमत चुकानी पड़ी है। उन्होंने कहा, ‘‘इसे इतिहास में अमेरिका की विदेश नीति के अब तक के सबसे खराब निर्णयों में से एक के रूप में याद किया जाएगा।’’

इससे पहले युद्ध शक्तियों संबंधी प्रस्तावों के पक्ष में अधिकतम चार रिपब्लिकन सीनेटर ने मतदान किया था और मंगलवार को भी उन्होंने इसका समर्थन किया। इनमें अलास्का से लिसा मुर्कोव्स्की, मेन से सुसान कॉलिन्स, केंटकी से रैंड पॉल और लुइसियाना से बिल कैसिडी शामिल हैं। पेनसिल्वेनिया से डेमोक्रेटिक सीनेटर जॉन फेटरमैन ने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया।

यह मतदान ऐसे समय हुआ है, जब पेंटागन (अमेरिकी रक्षा मंत्रालय का मुख्यालय) मुख्य रूप से ईरान युद्ध के बाद गोला-बारूद और हथियारों के भंडार को फिर से भरने के लिए संसद से 80 अरब अमेरिकी डॉलर की मांग कर रहा है।

एपी सिम्मी खारी

खारी


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