US Tariff on India: ट्रंप का नया टैरिफ वार, भारत समेत 17 देशों पर लगाया 10% शुल्क, जानिए कब से होगा लागू

US Tariff on India: ट्रंप का नया टैरिफ वार, भारत समेत 17 देशों पर लगाया 10% शुल्क, जानिए कब से होगा लागू

US Tariff on India: ट्रंप का नया टैरिफ वार, भारत समेत 17 देशों पर लगाया 10% शुल्क, जानिए कब से होगा लागू

US Tariff on India: ट्रंप का नया टैरिफ वार, भारत समेत 17 देशों पर लगाया 10% शुल्क, जानिए कब से होगा लागू/image: Social Media

Modified Date: July 24, 2026 / 11:10 am IST
Published Date: July 24, 2026 8:21 am IST
HIGHLIGHTS
  • अमेरिका ने भारत सहित 17 देशों से आयातित वस्तुओं पर 10% अतिरिक्त शुल्क लगाने का फैसला किया
  • भारत की विदेश व्यापार नीति में बदलाव के बाद प्रस्तावित 12.5% शुल्क घटाकर 10% किया गया
  • नए टैरिफ अमेरिकी व्यापार अधिनियम की धारा 301 के तहत लागू होंगे और शुक्रवार रात से प्रभावी होंगे

वाशिंगटन। US Tariff on India: अमेरिका ने वस्तुओं के उत्पादन में बंधुआ मजदूरी के इस्तेमाल पर रोक लगाने के प्रयासों के तहत भारत और 16 अन्य देशों से आयातित वस्तुओं पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाया है। अमेरिका ने पिछले महीने व्यापार अधिनियम की धारा 301 के तहत शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखते समय भारत को 12.5 प्रतिशत शुल्क वाले देशों की श्रेणी में रखा था लेकिन उसने बंधुआ मजदूरी से तैयार वस्तुओं के आयात पर रोक लगाने के लिए भारत द्वारा अपनी विदेश व्यापार नीति में किए गए संशोधन का संज्ञान लिया और शुल्क को कम करके 10 प्रतिशत कर दिया।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार को इस संबंध में जारी एक ज्ञापन में कहा, ‘‘इन कदमों के परिणामस्वरूप व्यापार प्रतिनिधि ने मुझे सलाह दी है कि ऐसे प्रतिबंधों को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए इन अर्थव्यवस्थाओं को प्रोत्साहित करने के वास्ते उनकी वस्तुओं पर 10 प्रतिशत की दर से शुल्क लगाया जाना चाहिए।’’

अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने सभी देशों पर लागू 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क की अवधि समाप्त होने से एक दिन पहले बृहस्पतिवार को व्यापार अधिनियम की धारा 301 के तहत 60 देशों पर नए शुल्क की घोषणा की। चीन, ब्रिटेन और जापान जैसे जिन देशों में बंधुआ मजदूरी से तैयार वस्तुओं के आयात पर रोक लगाने वाले कानून नहीं हैं, उन्हें 12.5 प्रतिशत शुल्क का सामना करना पड़ेगा।

43 देशों को 12.5 प्रतिशत शुल्क

US Tariff on India बंधुआ मजदूरी से संबंधित ये शुल्क उन कच्चे माल पर लागू नहीं होंगे, जिन पर शुल्क लगाने से घरेलू बाजार में उनकी आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा पूरी अर्थव्यवस्था में व्यवधान पैदा करने वाले उत्पादों और अमेरिका में पर्याप्त मात्रा में उत्पादित या पैदा नहीं की जा सकने वाली वस्तुओं को भी इससे छूट दी गई है। शुल्क का सामना करने वाले 60 देशों में भारत, कनाडा, ब्रिटेन, बांग्लादेश और पाकिस्तान समेत 17 देशों पर 10 प्रतिशत की दर लागू होगी। शेष 43 देशों को 12.5 प्रतिशत शुल्क देना होगा।

कब से लागू होंगे नए शुल्क?

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (यूएसटीआर) के बयान में कहा गया कि ग्रीर ने राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 301 के तहत उन 60 अर्थव्यवस्थाओं पर शुल्क लगाने की अंतिम कार्रवाई की जो ‘‘बंधुआ मजदूरी से तैयार वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगाने और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने में विफल रहे हैं।’’ नए शुल्क शुक्रवार रात 12 बजकर एक मिनट से प्रभावी होंगे। उसी समय अस्थायी 10 प्रतिशत आयात शुल्क की अवधि समाप्त होगी। यह अस्थायी शुल्क फरवरी में उच्चतम न्यायालय के उस फैसले के बाद लगाया गया था, जिसमें अप्रैल 2025 में लागू किए गए राष्ट्रपति के ‘‘लिबरेशन डे’’ शुल्कों को अमान्य करार दिया गया था।

US Tariff on India ग्रीर ने यहां एक बयान में कहा कि यह कार्रवाई मानवाधिकारों के उल्लंघन और व्यापार को विकृत करने वाली गतिविधियों में सुधार की शुरुआत करेगी तथा दुनियाभर के श्रमिकों के कल्याण में मदद करेगी। इस संबंध में जारी एक संघीय नोट में प्रस्तावित शुल्कों की जून में घोषणा के बाद जबरन श्रम से तैयार वस्तुओं के आयात पर रोक लगाने के भारत के फैसले का उल्लेख किया गया।

भारत ने 14 जून को अपनी विदेश व्यापार नीति में संशोधन करके बंधुआ मजदूरी से तैयार वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया था।

अमेरिका भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और भारतीय निर्यात का सबसे बड़ा बाजार है। वाणिज्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में दोनों देशों के बीच वस्तुओं का व्यापार करीब 141 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जिसमें भारत का निर्यात 87.3 अरब अमेरिकी डॉलर था।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.